वाराणसी की गलियों में चल रही नाव, पूर्वांचल में गंगा की लहरें मचा रही हैं तबाही Varanasi news

वाराणसी, जेएनएन। गंगा की लहरों ने पूर्वांचल में भारी तबाही मचा रखी है, कई जिलों में गंगा खतरा बिंदु से बुधवार को ऊपर जा चुकी हैं। वाराणसी, गाजीपुर और बलिया जिले में गंगा खतरा बिंदु पार कर चुकी हैं और तटवर्ती इलाकों में गंगा की लहरें अब तबाही मचाने लगी हैं। वाराणसी में पलट प्रवाह की वजह से वरुणा नदी में भी उफान आने के बाद तटवर्ती इलाकों में सैकडों मकान पानी में डूब चुके हैं। वहीं कई घराें में दुश्‍वारी बढ़ने के बाद लोग पलायन भी करने लगे हैं। मंगलवार को ही वाराणसी में गंगा की लहरों ने शहर में प्रवेश कर लिया तो गलियों में नाव चलने लगी, वहीं एनडीआरएफ की टीम लोगों को उनके घरों से सुरक्षित निकालने में लगी हुई है। 

वाराणसी में जहां चार दर्जन से अधिक ढाब क्षेत्र के गांव बाढ़ में डूब चुके हैं वहीं दूसरी ओर कई निचले इलाकों में बसी कालोनियां भी बाढ़ की चपेट में आ चुकी हैं। बाढ़ पीडितों में प्रशासन की ओर से राहत सामग्री भी वितरित होने के साथ फंसे लोगों को निकालने की कवायद चल रही है। बाढ़ ने शहर के करीब फुलवरिया गांव को भी अपनी जद ले लिया है। वरुणा नदी के पास इमलियाघाट नाले के समीप के परिवारों को कैन्ट के फुलवरिया चौकी प्रभारी अजीत पासवान के नेतृत्व में पुलिस ने नाव के माध्यम से सुरक्षित सुबह से निकालना शुरू कर दिया है।

वर्ष 2013 के बाद यह पहला मौका है जब गंगा ने वाराणसी में खतरा बिंदु को पार कर लिया है। बुधवार की सुबह 11 बजे तक गंगा नदी खतरा बिंदु पार करने के बाद 71.29 तक पहुंच चुकी हैं। इस लिहाज से गंगा इस समय खतरे के निशान से तीन सेंटीमीटर ऊपर हैं और प्रति घंटे गंगा में बढ़ाव की गति एक सेंटीमीटर है। अगर अगले चौबीस घंटों तक यह गति जारी रही तो कई अन्‍य कालोनियों में भी गंगा का पानी भर जाएगा और स्थिति काफी भयावह हो जाएगी।

जिला

गाजीपुर और बलिया में बढ़ी चिंता : पूर्वांचल में सबसे बुरी स्थिति बलिया जिले की है जहां पर गंगा की लहरों ने पहले दुबे छपरा रिंग बंधे पर तबाही मचायी और तटबंध टूटने के बाद सौ से अधिक गांव बाढ़ के पानी में फंस गए हैं। इसके अलावा भी रिंग बंधा कई अन्‍य जगहों पर कटाव की जद में आ चुका है जिसकी वजह से प्रशासन ने गावों में अलर्ट जारी किया है। जबकि गाजीपुर में कई निचले इलाकों में बाढ़ की वजह से कई गांवों का संपर्क टूट चुका है और जिला प्रशासन बाढ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री भेजने के साथ ही प्रभावित लोगों को सुरक्षित उनके घरों ने निकालने भी लगी है।

जनजीवन अस्‍त- व्‍यस्‍त : गंगा में बाढ़ की वजह से समूचे पूर्वांचल में जनजीवन अस्‍त व्‍यस्‍त होने लगा है। वहीं जिला प्रशासन बाढ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री पहुंचाने के साथ ही बाढ में फंसे लोगों को एनडीआरएफ की टीम निकालने में लगी हुई है। वाराणसी में वरुणा के किनारे रहने वालों की दुश्‍वारी कम होने का नाम नहीं ले रही है। बाढ़ पीडित लाेग जहां भी शरण ले रखे हैं वहां भी लगातार बारिश की वजह से लोगों में चिंता कम होने का नाम नहीं ले रही है। दूसरी ओर मीरजापुर और भदोही में जहां गंगा ने चेतावनी बिंदु पार कर लिया है और खतरे की ओर रुख है वहीं दूसरी ओर वाराणसी, गाजीपुर और बलिया जिले में गंगा खतरा बिंदु से ऊपर तबाही मचाने लगी हैं।

गंगा में मप्र से आया जल सैलाब : मध्‍य प्रदेश में माह भर से जारी भारी बरसात के बाद वहां की नदियां तबाही मचा रही हैं। जबकि चंबल सहित कई प्रमुख नदियाें के बांध भारी बाढ़ के कारण खाेलने पड़े तो वहां का पानी इटावा जिले में यमुना के रास्‍ते होते हुए प्रयागराज में गंगा में आ मिला। इसके बाद से अागे गंगा में आया यह जल सैलाब पूर्वांचल में तबाही मचाने लगा है। इस समय प्रयागराज में गंगा का जलस्‍तर लगातार बढ़ ही रहा है। जो पूर्वांचल की ओर लगातार रुख कर रहा है। इससे तय है कि अगले चौबीस घंटों तक गंगा में बढ़ाव का यह रुख जारी रहेगा और पूर्वांचल में गंगा नदी से तबाही जारी रहेगी।

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