GST Bill फर्जीवाड़ा में पूर्वांचल के तीन फर्मों के खिलाफ एफआइआर, पंजीयन भी किया रद

फर्जी बिल से कारोबार करने वालों पर वाणिज्य कर (एसजीएसटी) विभाग का शिकंजा कसता ही जा रहा है। पिछले दिनों पकड़े गए बिल फर्जीवाड़े में विभाग ने बलिया व मऊ की तीन फर्मों के खिलाफ आजमगढ़ में एफआइआर दर्ज कराई है।

Saurabh ChakravartyTue, 22 Jun 2021 09:10 AM (IST)
फर्जी बिल से कारोबार करने वालों पर वाणिज्य कर (एसजीएसटी) विभाग का शिकंजा कसता ही जा रहा है।

वाराणसी [मुकेश चंद्र श्रीवास्तव]। फर्जी बिल से कारोबार करने वालों पर वाणिज्य कर (एसजीएसटी) विभाग का शिकंजा कसता ही जा रहा है। पिछले दिनों पकड़े गए बिल फर्जीवाड़े में विभाग ने बलिया व मऊ की तीन फर्मों के खिलाफ आजमगढ़ में एफआइआर दर्ज कराई है। इनका पंजीयन भी रद कर दिया गया है। साथ ही वहां की साइबर पुलिस भी ईमेल आइडी, मोबाइल व आइपी के आधार पर जांच में जुट गई है। अपर आयुक्त ने बताया कि फर्जीवाड़े के तार लखनऊ, गोरखपुर, गाजियाबाद, आगरा, प्रयागराज व झांसी सहित प्रदेश के अन्य जिलों से भी जुड़े पाए गए हैं। इसके आधार पर विभाग ने जांच शुरू कर दी है। इसमें से कुछ फर्मों की जांच पूरी हो गई है और विभाग जल्द ही उन पर भी कार्रवाई करने जा रहा है।

सरकार ने सहूलियत के लिए सारे टैक्स हटाकर एकमात्र कर जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) संग सारी प्रक्रिया आनलाइन कर दी है। कुछ कारोबारी इस सुविधा का दुरुपयोग कर फर्जी फर्म बना ले रहे हैं। हालांकि विभाग ने फर्जीवाड़ा करने वाली फर्मों का राजफाश कर कार्रवाई की है।

अस्तित्वहीन फर्में बेच रही थीं बिल

वाणिज्य कर विभाग जोन द्वितीय के अपर आयुक्त-प्रथम प्रदीप कुमार ने बताया कि प्रपत्र फर्जी मिलने पर बलिया की नागिया एंड स्टील ट्रेडर्स, बलिया के सिकंदरपुर की चंद्रा स्टील एंड आयरन, मऊ की आर्यन स्टील इंटरप्राइजेज के खिलाफ आजमगढ़ में एफआइआर दर्ज कराई गई है। ये फर्में अस्तित्व में नहीं हैं फिर भी अपना बिल बेचकर अवैध कारोबार करती थीं।

सारा खेल टैक्स रिबेट का

प्रदीप कुमार ने बताया कि एक कारोबारी जब दूसरे के यहां माल भेजता है तो यह दिखाता है उसने टैक्स अदा कर दिया है। इसके बाद माल खरीदने वाले कारोबारी को रिबेट के रूप में टैक्स वापस मिलता है। इसी के लिए फर्में फर्जीवाड़ा कर रही थीं, जिनका पंजीयन निरस्त कर दिया गया है।

दो फर्मों के खिलाफ जांच जारी

सोनभद्र में अंसारी स्टील टे्रडर्स सहित वाराणसी की एक फर्म के खिलाफ जांच चल रही है। अपर आयुक्त ने बताया कि जिन ईमेल आइडी, मोबाइल या सिस्टम से फर्मों का पंजीयन कराया गया है उनके तार अन्य जिलों में जुड़े रहने के साक्ष्य मिले हैं।

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