आजमगढ़ जिले के बयासी गांव में स्थापित होगा फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट

डीएम राजेश कुमार के पत्र पर मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने तहसील सदर के बयासी गांव में बंजर खाते की 0.210 हेक्टेयर भूमि के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अधिग्रहित जमीन पर 5.213 करोड़ रुपये से एफएसटीपी का निर्माण होगा।

Abhishek SharmaSun, 20 Jun 2021 06:20 AM (IST)
जमीन मिलते ही जल निगम ने कवायद शुरू कर दी है।

आजमगढ़, जेएनएन। आखिरकार दो साल बाद शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं प्रदूषण से मुक्ति दिलाने के लिए फीकल सल्ज ट्रीटमेंट प्लांट(एफएसटीपी) की स्थापना के लिए जमीन मिल ही गई। डीएम राजेश कुमार के पत्र पर मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने तहसील सदर के बयासी गांव में बंजर खाते की 0.210 हेक्टेयर भूमि के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अधिग्रहित जमीन पर 5.213 करोड़ रुपये से एफएसटीपी का निर्माण होगा। जमीन मिलते ही जल निगम ने कवायद शुरू कर दी है।

फीकल सल्ज ट्रीटमेंट प्लांट के जरिए शौचालय टैंक के गाद से जैविक खाद बनाई जाएगी। अभी तक सेप्टिक टैंक के गाद को टैंकों में भरकर खुले में सड़क के किनारे गिरा दिया जाता है, जिससे जहां बड़े पैमाने पर पर्यावरण प्रदूषित होता है और बीमारी फैलने की आशंका रहती हैं। ट्रीटमेंट प्लांट से यहां आने वाली गंदगी को निस्तारित कर खाद बनाया जाएगा और पानी को साफ कर दूसरे प्रयोग में लाया जाएगा। जहां पर यह प्लांट लगाया जाएगा उसके चारों तरफ दीवार, वहां तक टैंकों को पहुंचने के लिए सड़क का भी निर्माण कराया जाएगा। शहर में लगे सीवरेज सिस्टम पर भी निर्भरता कम होगी।

प्लांट की आवश्यकता

शौचालय के सीवर टैंक अब 10 फीट से भी ज्यादा गहरे बनाए जाने लगे हैं। इस सीवर का पानी जमीन के अंदर जाकर भूगर्भ जल को प्रदूषित करने लगता है। यदि सीवर टैंक 10 फीट से कम गहरे बनाए जाएं तो सूरज की किरणें उसमें पैदा होने वाले हानिकारक बैक्टिरिया और अन्य पदार्थों को नष्ट कर देती हैं, लेकिन सीवर टैंक नीचे गहरे होने से ऐसा संभव नहीं हो रहा है।

गाद को खेतों में या नालों में फेंक देते हैं टैंकर चालक

अब तक सेप्टिक टैंकों से निकलने वाली गाद को टैंकर चालक निकालकर उस दूषित पानी को नालों में या खेतों में डाल देते हैं। जिससे बीमारी फैलने की आशंका अधिक बनी रहती है। इस प्लांट के बनने के बाद किसानों को ट्रीटिड पानी भी मिलेगा और जैविक खाद भी मिलेगा। खाद और पानी का निस्तारण करने के संबंध में अभी शासन से दिशा निर्देश नहीं मिले हैं।

सहायक अभियंता जलनिगम

‘यह फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट अमृत योजना के अंतर्गत लगने वाला है। इसके लिए निश्शुल्क जमीन मिल गई है। जिसके संबंध में कमिश्नर का पत्र मिल चुका है। निर्माण के लिए लखनऊ की श्रीराम कांस्ट्रक्शन को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। संबंधित जमीन के मिट्टी के टेस्टिंग के बाद निर्माण शुरू हो जाएगा। हालांकि अभी अधिग्रहित भूमि तक जाने के लिए रास्ता की समुचित व्यवस्था नहीं हो सकी है।बारिश के बाद उसकी भी व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाएगी।-सीएस यादव, सहायक अभियंता, जल निगम।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.