खेत में पंपिंग सेट के पास सोए वृद्ध किसान की गला दबाकर हत्या, पुलिस जांच में जुटी Varanasi news

वाराणसी, जेएनएन। चौबेपुर थाना क्षेत्र के सरैया, बिशनपुरा गाव के वृद्ध किसान रामजी यादव (65) की घर से लगभग दो किलोमीटर दूर पंपिंग सेट के कमरे में बुधवार रात किसी समय गला दबाकर हत्या कर दी गई। गुरुवार सुबह परिजनों को इसकी जानकारी हुई जब रमना गांव का सोनू पंपिंग सेट पहुंचा। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद छोटे बेटे रामदयाल यादव से तहरीर ली और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। रामजी यादव गांव के बाहर मौजूद पंपिंग सेट पर अक्सर जाते थे और रात में वहीं सोते थे। बुधवार को भोजन करने के बाद वह खेत की रखवाली के लिए निकले। पंपिंग सेट वाले कमरे में चारपाई पर सोये।

देर रात किसी समय बदमाश पहुंचे और रामजी की गला दबाकर हत्या करने के बाद फरार हो गए। गुरुवार सुबह छह बजे सोनू पंपिंग सेट पर पहुंचा, कमरे का दरवाजा खोलकर देखा तो रामजी मुंह तक चादर ओढ़कर लेटे हैं। जगाने के लिए देर तक आवाज देने पर भी नहीं उठे। जैसे ही चादर हटाया तो सन्न रह गया। रामजी के मुंह से खून निकला था और पास पड़ी थी खून से लथपथ तकिया। सोनू वहां से तेजी भागा और सीधे रामजी के घर पहुंचा और हत्या की जानकारी दी। परिवार के लोग शोर मचाते पंपिंग सेट की ओर दौड़ पड़े।

चौबेपुर पुलिस के साथ पहुंचे फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। जासूस श्वान पहुंचा लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं दे सका। हत्या की जानकारी होते ही आसपास के गांव के लोग भी जुट गए। परिजन आला अधिकारियों, चंदौली सांसद को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। चार घंटे तक चली जिच के बीच चंदौली के पूर्व सांसद रामकिशुन यादव पहुंचे। परिजनों से बातचीत करके उन्हें समझाया तब वे पुलिस को शव सौंपने के लिए तैयार हुए। बेटे ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।

गले पर था निशान - रामजी यादव के गले और मुंह पर चोट के निशान थे। ऐसा लग रहा था कि किसी ठोस चीज और तकिया के साथ उनका मुंह दबाने के साथ गला दबाया गया था। संपत्ति विवाद पर भी नजर - पुलिस को शक है कि रामजी की हत्या में किसी नजदीकी का हाथ है। पैतृक जमीन की बिक्री और रुपये के बंटवारे को लेकर परिवार में चल रहे विवाद पर भी नजर रखे है। रामजी ने कुछ माह पूर्व ही रमना गाव की 17 बिस्वा जमीन बेची थी जिसमें काफी रुपये मिले थे। रामजी ने जमीन बिक्री से मिले रुपये छोटे बेटे को दे दिया था।

खेतों की रखवाली करने वाले किसानों की हो सुरक्षा- पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने कानून-व्यवस्था को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि किसान सुरक्षित नहीं रहेंगे तो लोगों का पेट कैसे भरेगा। जान हथेली पर रखकर रात में खेतों की रखवाली करने वाले किसानों की सुरक्षा का सरकार को इंतजाम करना होगा। वर्ष 2005 में पूर्व प्रधान रमना बेचन राजभर की भी हत्या खेत में सोते वक्त हुई थी। तब भी किसानों की सुरक्षा की बात उठी थी।

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