फर्जी नंबर और बिना नंबर प्लेट की ओवरलोड ट्रकें वाराणसी शहर के अंदर चल रही, आए दिन होते हैं हादसे

बिना नंबर प्लेट और फर्जी नंबर लिखकर चल रही ओवरलोड ट्रकें शहर में धमा-चकौड़ी मचा रही है। ओवरलोड ट्रकों के चलने ने शहरवासियों की नींद हराम हो गई है। आए दिन सड़क पर हादसे हो रहे हैं लेकिन अफसरों को ओवरलोड ट्रकें दिखाई नहीं पड़ रही है।

Saurabh ChakravartyThu, 21 Oct 2021 07:09 PM (IST)
वाराणसी के पुलिस लाइन चौराहे से गुजरती बिना नंबर प्लेट की ट्रक

जागरण संवाददाता, वाराणसी। बिना नंबर प्लेट और फर्जी नंबर लिखकर चल रही ओवरलोड ट्रकें शहर में धमा-चकौड़ी मचा रही है। ओवरलोड ट्रकों के चलने ने शहरवासियों की नींद हराम हो गई है। आए दिन सड़क पर हादसे हो रहे हैं लेकिन अफसरों को ओवरलोड ट्रकें दिखाई नहीं पड़ रही है। चालकों को तनिक भी अफसरों का डर नहीं है। खनन, परिवहन, यातायात और स्थानीय पुलिस कार्रवाई करने की बजाय मूकदर्शक बनी है। सवाल उठता है कि इन ओवरलोड ट्रकों के खिलाफ कार्रवाई करने से जिम्मेदार पीछे क्यों हटते हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि ओवरलोड ट्रकों से वसूली का खेल चल रहा है। ओवरलोड ट्रकें सड़कों का सीना चीर रही हैं। दो से तीन माह के अंदर सड़कें खराब होने के साथ चलने लायक नहीं है।

ओवरलोड ट्रकों पर परिवहन विभाग ने शिकंजा कसना शुरू किया तो ट्रक मालिकों और चालकों ने दूसरा रास्ता निकाल लिया। वे बिना नंबर प्लेट के या फर्जी नंबर लिखकर सड़क पर दौडऩे लगे। ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी अफसरों को नहीं है। सब कुछ जानने के बाद भी वे कार्रवाई नहीं करते हैं।

बाइक पर 23 टन ओवरलोड

टोल प्लाजा से ओवरलोड ट्रकों की सूची परिवहन विभाग को जाती है। सूची के आधार पर परिवहन अधिकारी चालान करते हैं। एक ट्रक के नंबर परिवहन अधिकारी ने 23 टन ओवरलोड में चालान कर दिया। बाद में मालूम चला कि बाइक है। वाहन स्वामी बाइक ट्रांसफर करने गया तो मालूम चला कि नंबर कंप्यूटर से ब्लाक है। उस पर 23 टन ओवरलोड का जुर्माना है।

फाइनेंस कंपनी का बनाते हैं बहाना

बिना नंबर प्लेट के चलने वाले ओवरलोड ट्रक चालक या मालिक पकड़े जाने पर फाइनेंस कंपनी से बचने के नाम पर बहाना बनाते हैं। वे कहते हैं कि ट्रक का किस्त जमा नहीं हो पाया है, ऐसे में फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी ट्रक को खींच लेते हैं उनके डर से नंबर प्लेट नहीं लगाया है।

पहले टन पर 22 हजार, फिर प्रति टन दो हजार जुर्माना

ट्रक पर पहला एक टन ओवरलोड होने पर परिवहन विभाग 22 हजार रुपये जुर्माना लेता है। इसके बाद प्रति टन दो हजार रुपये जुर्माना लगता है। फिर भी चालक मनमानी तरीके से एक ट्रक पर 25 से 30 टन ओवरलोड लेकर माल ढोते हैं।

खनन विभाग नहीं करता है कोई कार्रवाई

गिट्टी-बालू लदे वाहनों के खिलाफ खनन विभाग को कार्रवाई करनी चाहिए लेकिन वह नहीं करता है। कार्रवाई को लेकर पिछले दिनों जिलाधिकारी ने नाराजगी भी जाहिर की थी।

8475 जिले में पंजीकृत ट्रक

15,000 नेशनल परमिट की फीस

10,000 यूपी परमिट फीस

242 रुपये प्रतिटन होता टैक्स

इतनी हुई कार्रवाई

1123 ओवरलोड ट्रकों का चालान

156 विभिन्न थानों में सीज

1.86 लाख ट्रकों पर लगा जुर्माना

(नोट, एक से 20 अक्टूबर तक कार्रवाई)

ओवरलोड ट्रकों के खिलाफ परिवहन विभाग कार्रवाई करता है

ओवरलोड ट्रकों के खिलाफ परिवहन विभाग कार्रवाई करता है। नंबर प्लेट नहीं लगे पर होने पर ट्रक पर जुर्माना किया जाता है। इसके लिए सभी कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं।

-दिनेश कुमार पुरी, एसपी यातायात

रिंग रोड खुलने के साथ भारी वाहन शहर के अंदर आना बंद हो जाएंगे

ओवरलोड ट्रकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है। प्रवर्तन अधिकारियों को सख्ती से कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। रिंग रोड खुलने के साथ भारी वाहन शहर के अंदर आना बंद हो जाएंगे।

-यूबी सिंह, आरटीओ (प्रवर्तन)

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
You have used all of your free pageviews.
Please subscribe to access more content.
Dismiss
Please register to access this content.
To continue viewing the content you love, please sign in or create a new account
Dismiss
You must subscribe to access this content.
To continue viewing the content you love, please choose one of our subscriptions today.