खुलने लगे यूरोपीय बाजार, नए आर्डर की जगी उम्मीद, भदोही में कालीन उत्पादन ठप होने से निर्यातकों के माथे पर चिंता

कोरोना के कारण 90 फीसद कालीन कंपनियां जहां बंद हैं वहीं उत्पादन पूरी तरह ठप है।

जर्मनी फ्रांस सहित यूरोपीय देशों में लंबे समय से लगे लाकडाउन में छूट मिल गई है। जल्द ही लाकडाउन पूरी तरह समाप्त होने की उम्मीद है। उधर अमेरिका व लैटिन अमेरिकी देशों के बाजार भी पटरी पर आ गए है।

Saurabh ChakravartyFri, 07 May 2021 06:34 PM (IST)

भदोही, जेएनएन। जर्मनी, फ्रांस सहित यूरोपीय देशों में लंबे समय से लगे लाकडाउन में छूट मिल गई है। जल्द ही लाकडाउन पूरी तरह समाप्त होने की उम्मीद है। उधर अमेरिका व लैटिन अमेरिकी देशों के बाजार भी पटरी पर आ गए है। ऐसे में जल्द ही नए आर्डर निकलने की संभावना है जबकि देश में कोरोना के कारण 90 फीसद कालीन कंपनियां जहां बंद हैं वहीं उत्पादन पूरी तरह ठप है। ऐसे में निर्यातकों के सामने गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। उनका कहना है कि हालात खराब होने के कारण अभी तो पुराने आर्डर का माल भेजना मुश्किल है ऐसे में नए आर्डर मिले तो उसकी भरपाई कैसे की जाएगी। ग्राहकों को समय से माल नहीं भेजा गया तो आर्डर रद होने का खतरा बढ़ जाएगा।

दिल्ली, मुंबई में पहले से लाकडाउन था अब बिहार, राजस्थान, केरल सहित कई अन्य प्रांतों में भी संपूर्ण लाकडाउन लग गया। ऐसे में जल्द ही स्थिति में सुधार की उम्मीद भी नहीं है। यही कारण है कि कालीन निर्यातकों की चिंता बढ़ गई है। कोरोना के दूसरी स्ट्रेन की शुरुआत ब्रिटेन से हुई थी। इसके बाद जर्मनी, फ्रांस सहित अन्य यूरोपीय देश इसकी चपेट में आए। देखते ही देखते प्रभावित देशों में संपूर्ण लाकडाउन लगा दिया। कालीनों के बड़े खरीदार देशों जर्मनी व फ्रांस में लाकडाउन से कालीन उद्योग को बडा नुकसान हुआ। अब दोनों देशों में दिन का लाकडाउन समाप्त कर दिया है। ऐसे में पारंपरिक आयातकों ने निर्यातकों से संपर्क करना शुरू कर दिया है। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि जर्मनी व फ्रांस से जल्द ही नए आर्डर मिल सकते हैं।

अमेरिका ने संभाल रखा है कालीन उद्योग

वैश्विक महामारी के कारण डेढ़ साल में कालीन उद्योग को भारी नुकसान हो चुका है। विश्व के प्रमुख आयातक देश जहां बदहाली के शिकार हो चुके हैं वहीं जर्मनी, फ्रांस सहित अन्य प्रमुख आयातक देश लाकडाउन से जूझ रहे हैं। ऐसे में अमेरिका ने अकेले कालीन उद्योग को संभाल रखा है। निर्यातकों की मानें तो महामारी में 60 से 70 फीसद व्यवसाय अमेरिका से हो रहा है। इस समय भी अमेरिकी आयातकों से आर्डर मिल रहे हैं।

सीमा सील किए जाने के कारण चाहकर भी इस समय निर्यात नहीं किया जा सकता

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध व आस्ट्रेलिया सहित कई देशों द्वारा सीमा सील किए जाने के कारण चाहकर भी इस समय निर्यात नहीं किया जा सकता। अमेरिका सहित कुछ देशों से नए आर्डर भले ही मिल रहे हैं लेकिन उत्पादन ठप होने के कारण उनकी भरपाई हो पा रही है।

-ब्रिजेश गुप्ता, निर्यातक

निर्यात में शिपिंग संबंधी समस्या भी बढ़ गई है

कोरोना के कारण व्यवसायियों, बुनकरों व कर्मचारियों में विश्वास की भावना प्रभावित हुई है। इसके कारण अधिकतर लोगों ने कंपनियां बंद कर दी हैं जबकि सरकार की ओर से ऐसी कोई गाइडलाइन नहीं है। निर्यात में शिपिंग संबंधी समस्या भी बढ़ गई है। कंटेनर की कमी पहले से परेशानी का कारण है।

-पीयूष बरनवाल, निर्यातक

 

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