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वाराणसी में ईएसआइसी और बरेका अस्पताल एक माह में आक्सीजन प्लांट से होगा लैस, सामने आईं कंपनियां

अब जल्द ही बहुतायत अस्पतालों के पास अपना ऑक्सीजन बैंक होगा।

अभी कोविड-19 संक्रमण के दौर को विराम नहीं मिला है न ही समस्याओं का अंत हुआ है लेकिन पूर्व की तुलना में अव्यवस्थित अस्पताल की व्यवस्था पटरी पर लौटने लगी है।अब जल्द ही बहुतायत अस्पतालों के पास अपना ऑक्सीजन बैंक होगा।

Saurabh ChakravartyFri, 07 May 2021 11:06 PM (IST)

वाराणसी, जेएनएन। कोरोना की दूसरी लहर ने आशंका से ज्यादा तबाही के मंजर दिखाए। बहुतों ने अपनों को खोया। मुकम्मल व्यवस्था मुहैया कराने में प्रशासनिक अफसरों के पसीने छूट गए। आक्सीजन व बेड को लेकर खूब हायतौबा मची। हालांकि अभी कोविड-19 संक्रमण के दौर को विराम नहीं मिला है न ही समस्याओं का अंत हुआ है लेकिन पूर्व की तुलना में अव्यवस्थित अस्पताल की व्यवस्था पटरी पर लौटने लगी है। अब जल्द ही बहुतायत अस्पतालों के पास अपना ऑक्सीजन बैंक होगा। बीएलडब्ल्यू रेलवे अस्पताल में प्लांट के लिए कानपुर की शुभम गोल्डी मसाला कंपनी सामने आई है। कंपनी के मालिक सोम गोयनका और उनके सुपुत्र सुदीप गोयनका ने इस नेक कार्य के लिए 88 लाख रुपये का भुगतान कर 610 एलएमपी प्लांट का ऑर्डर दे दिया है।

प्लांट एक महीने में इनस्टॉल हो जाएगा। इससे अस्पताल के 120 बेड ऑक्सीजन से पूरी तरह लैस हो जाएंगे। ईएसआइ अस्पताल पांडेपुर के लिए एक बड़ी भारतीय एमएनसी कंपनी के द्वारा दो यानी 250 एलएमपी और 610 एलएमपी प्लांट के लिए फडिंग कर आर्डर दिए जा चुके हैं। छोटा प्लांट एक सप्ताह में बड़ा प्लांट एक महीने में इनस्टॉल हो जाएगा। इसके अलावा राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज के 120 बेड के अस्पताल के वार्ड में ऑक्सीजन पाइप लाइन नहीं है। इसके लिए भी सीएसआर अंतर्गत कोशिश जारी है, इसमें प्लांट लगाने के लिए दो कंपनियों से बात चल रही है। शीघ्र ही इसे फाइनल किया जाएगा। पाइप लाइन लगाने के लिए आठ मई से कार्य शुरू हो जाएगा। इसका पेमेंट समाज सेवी संस्था की ओर से कराने की कोशिश होगी।

ऑक्सीजन पाइप लाइन वार्ड वाले सभी सरकारी अस्पतालों में जेनरेशन प्लांट का सीएसआर से इंतजाम

ऑक्सीजन पाइप लाइन वार्ड वाले सभी सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट सीएसआर से लगाने के लिए लिंक कर दिए गए हैं। दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल का 610 एलएमपी का 120 बेड का प्लांट उद्योगपति आरके चौधरी की ओर से दिए गए एक करोड़ रुपये की लागत से चालू हो चुका है। श्री लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल, रामनगर में 120 एलएमपी का 25 बेड का प्लांट भी दो दिन में दौड़ने लगेगा। अमेरिका की एक सामाजिक संस्था के सीएसआर से इस कार्य को मूर्तरूप दिया जा रहा है। मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा के लिए 960 एलएमपी का 200 बेड का प्लांट इंडियन ऑयल काॅरपोरेशन के सीएसआर फंड के सहयोग से पूर्ण होने जा रहा है। प्लांट की मशीनें कुछ दिनों में कोयम्बटूर से आ जाएंगी और तीन सप्ताह के अंदर प्रारंभ हो जाएगा।

बीएचयू समेत तीन अस्पताल आक्सीजन में आत्मनिर्भर

बीएचयू और होमी भाभा कैंसर अस्पताल में पहले से ही लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट लगे हैं। बाहरी सिलेंडर पर निर्भर नहीं हैा। डीआरडीओ की ओर से स्थापित कोविड अस्पताल में भी लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट लगाया जा रहा है। इस अस्पताल की निर्भरता बाहरी ऑक्सीजन सिलेंडर पर नहीं होगी।

चैरिटेबल अस्पताल भी अपने आक्सीजन प्लांट लगाने के प्रयास में

वाराणसी के दो चैरिटेबल अस्पताल भी अपने संसाधनों और जन सहयोग से अपने परिसर में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की दिशा में प्रयासरत हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि इसमें प्रशासन हर संभव मदद करेगा।

एक माह में ऑक्सीजन सिलेंडर फिलिंग क्षमता 18 सौ से बढ़कर 4500

जिलाधिकारी ने कहा कि ऑक्सीजन सप्लाई की दिशा में यह सब प्रयास बहुत हद तक अस्पतालों की व्यवस्था को पटरी पर ला दिया है। भविष्य के इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। एक माह में ऑक्सीजन सिलिंडर की फिलिंग क्षमता 1800 से बढ़कर 4500 की गई है।अधिग्रहित कामरूप इंडस्ट्री प्लांट 450 सिलेंडर की रीफिलिंग शुरू हो चुकी है। प्लांट का मेंटेनेंस कार्य तेजी से जारी है। रामनगर में बंद पड़े मेडिटेक प्लांट को लिक्विड ऑक्सीजन का प्रबंध कर चलाया जा रहा है। बंद पड़े प्लांट को उस फर्म से ही दोबारा चलवाया गया। इसी तरह मीरजापुर में एक बंद पड़े प्लांट को चलवाया गया और उसकी लिक्विड ऑक्सीजन की व्यवस्था वाराणसी प्रशासन के माध्यम से कराई गई। वहां से लगभग 300 सिलेंडर वाराणसी के लिए रिफिल कराए जा रहे हैं। लिक्विड ऑक्सीजन प्राप्त करने के लिए रेलवे और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित ऑक्सीजन एक्सप्रेस और इन प्लांट्स हेतु उपलब्ध चार रोड टैंकर्स भरपूर उपयोग हो रहा है।

होम आइसोलेशन के मरीजों के लिए 500 सिलेंडर

जिलाधिकारी ने कहा कि होम आइसोलेशन के मरीजों के लिए भी तीन संस्थाओं के सहयोग से प्रशासन द्वारा लगभग 500 सिलेंडर प्रतिदिन उपलब्ध कराने की योजना को प्रभावी कर दिया गया है। आक्सीजन सिलेंडर बढ़ोत्तरी की कोशिश अभी जारी है।

 

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