वाराणसी में अक्टूबर तक आकार लेगा ई-नाम मंडी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अगले लोकार्पण की सूची में होगा शामिल

वाराणसी में ई-नाम मंडी (नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट) अक्टूबर तक आकार ले लेगा। पहडिय़ा मंडी में ग्राउंड फ्लोर समेत दो मंजिला भवन बनकर तैयार है। इस भवन को सजाने के लिए फिनिशिंग पर भी सोमवार से काम शुरू हो गया है।

Saurabh ChakravartyTue, 27 Jul 2021 09:10 AM (IST)
पहडिय़ा मंडी में ग्राउंड फ्लोर समेत दो मंजिला भवन बनकर तैयार है।

वाराणसी, जागरण संवाददाता। जिले में ई-नाम मंडी (नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट) अक्टूबर तक आकार ले लेगा। पहडिय़ा मंडी में ग्राउंड फ्लोर समेत दो मंजिला भवन बनकर तैयार है। इस भवन को सजाने के लिए फिनिशिंग पर भी सोमवार से काम शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री के अगले लोकार्पण कार्यक्रम में पूर्ण दर्जनों परियोजनाओंं की सूची में ई- नाम मंडी को भी शामिल करने की तैयारी में जिला प्रशासन है। जिलाधिकारी की ओर से इस कार्य को तय समय में पूरा कराने को निर्देशित किया गया है। ई नाम मंडी के निर्माण पर एक करोड़ 23 लाख रुपये खर्च होने हैं। प्रथम फेज के निर्माण के बाद ई मार्केटिंग से जुड़े तमाम इलेक्ट्रानिक समानों के लिए अलग से बजट तय है।

बजट व कोविड की वजह से प्रोजेक्ट पूर्ण होने में हुई देरी

ई नाम मंडी की नींव वर्ष 2019 में पड़ी थी। मार्च 2021 में ही पूर्ण होना था लेकिन बजट समय से न मिलने व कोविड की दूसरी व पहली लहर ने इस कार्य में खासा रूकावट डाली। कोविड की दूसरी लहर में यहां काम भी लगभग बंद रहा। हालांकि अब तेजी से काम हो रहा है। बजट भी जारी होने की बात कही जा रही है। ई नाम मंडी के साथ अन्य इलेक्ट्रानिक समेत अन्य कार्यों के लिए लगभग कुल चार करोड़ 95 लाख रुपये का बजट आवंटन की बात कही जा रही है। हालांकि भवन निर्माण पर सिर्फ एक करोड़ 23 लाख ही प्रस्तावित है।

दो मंजिला भवन : ये होगी खास

ई-नाम मंडी ग्राउंड समेत दो मंजिला भवन में ग्रेडिंग, लैब और मीटिंग हाल भी होगा। इसके अलावा अधिकारियों का कार्यालय भी इसी भवन में होगा। इसमें एक बड़ी एलईडी स्क्रीन लगेगी। इस स्क्रीन पर ई नाम मंडी से जुड़े देश के कई मंडियों में तय फल सब्जी आदि की कीमत कारोबारी देख सकेंगे। साथ ही कारोबारी अपने उत्पाद का सही रेट जानने के साथ ही तय भी कर सकेंगे।

पूर्वांचल ही बिहार से भी आते हैं कारोबारी

पहडिय़ा मंडी में पूर्वांचल के साथ ही बिहार के कारोबारी भी फल व सब्जी लेकर आते हैं। इसके बाद यहां से भी बहुत सामान बाहर की मंडियों में भेजी जाती है लेकिन यहां के कारोबारियों को उक्त स्थलों की कीमत की जानकारी नहीं होती है। अब ऐसा नहीं होगा। अब सब कुछ पारदर्शिता के साथ सामने होगी क्योंकि मंडी में लगे स्क्रीन बोर्ड पर बाहर की मंडियों में मौजूद उत्पाद के साथ मूल्य भी फ्लैश होंगे।

ग्रेडिंग और जांच की भी व्यवस्था

ई-नाम मंडी में कृषि उत्पादों की ग्रेडिंग होगी। ग्रेडिंग के आधार पर उनके दाम तय होंगे। इन उत्पादों की जांच के लिए लैब भी होगी। ई-नाम मंडी किसानों के लिए अच्छा प्लेटफार्म होगा। यह कृषि उत्पादों का एकीकृत राष्ट्रीय बाजार है। कृषि उत्पाद बाजार समिति (एपीएमसी) के जरिए मंडियों को आनलाइन जोड़ा जाएगा। इससे खरीदारों और विक्रेताओं के बीच किसी भी प्रकार की शंका की गुंजाइश नहीं रह जाएगी।

 ई नाम मंडी पर कार्य तेजी से चल रहा है

ई नाम मंडी पर कार्य तेजी से चल रहा है। सितम्बर के अंत या अक्टूबर तक ई नाम मंडी पूरी तरह आकार ले लेगा। इसके बाद मंडी समिति को हैंडओवर कर दिया जाएगा।

बीके राय, उप निदेशक निर्माण मंडी परिषद

 

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