कोरोना संक्रमण के कारण वाराणसी के डाफी टोलप्लाजा पर छोटी गाड़ियों की संख्या हुई कम, किया गया सैनिटाइज

कोरोना संक्रमण के कारण डाफी टोलप्लाजा पर पिछले दो दिनों से छोटी गाड़ियों में काफी कमी आयी है।

वाराणसी के टोलप्लाजा से गुजरने वाली कुल गाड़ियों की संख्या 18 हजार के ऊपर पहुंच गई हैं लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण करीब 12 से 15 प्रतिशत वाहनों में कमी हुई है जिसमें सबसे ज्यादा छोटी गाड़ियों पर असर हुआ है।

Saurabh ChakravartySun, 18 Apr 2021 08:17 PM (IST)

वाराणसी, जेएनएन। देशभर में बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण डाफी टोलप्लाजा पर पिछले दो दिनों से छोटी गाड़ियों में काफी कमी आयी है। टोलप्लाजा से गुजरने वाली कुल गाड़ियों की संख्या 18 हजार के ऊपर पहुंच गई हैं लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण करीब 12 से 15 प्रतिशत वाहनों में कमी हुई है जिसमें सबसे ज्यादा छोटी गाड़ियों पर असर हुआ है।

फास्टैग की वसूली डाफी टोलप्लाज़ा पर लगभग 85 फीसद तक पहुंच गई है जिसके कारण वाहन चालकों से लेनदेन में टोलप्लाज़ा कर्मी भी काफी सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। टोलप्लाजा हेड मनीष कुमार ने बताया कि फास्टैग के कारण अब ज्यादातर ट्रांजेक्शन ऑनलाइन हो गया है इसलिए बाहर से आने वाले ट्रक चालकों से बूथ ऑपरेटरों को संक्रमण का खतरा कम है।सबसे ज्यादा ओवरलोड गाड़ियों से दिक्कत है जिनसे दोगुना जुर्माना कैश के रूप में लिया जाता है। यहां प्रतिदिन होने वाली वसूली 65 लाख के ऊपर पहुंच गई है जिसमें 50 लाख से ज्यादा ऑनलाइन ट्रांजेक्शन हो रहा है।

डाफी टोलप्लाजा किया गया सैनिटाइज , ट्रक चालकों को मास्क वितरण कर किया जागरूक

कोरोना संक्रमण को लेकर डाफी टोलप्लाज़ा के सभी बूथों और कार्यालय को रविवार को सैनिटाइज किया गया । इसके अलावा सभी कर्मचारियों और टोल ऑपरेटरों को मास्क सैनिटाइजर के प्रयोग के लिए बताया गया। टोलप्लाजा अधिकारियों ने मास्क न लगाने वाले ट्रक चालकों को मास्क देकर उसके प्रयोग से खुद और परिवार को बचाने के लिए जागरूक किया। ट्रक चालकों को हिदायत दी गई कि मास्क का प्रयोग न करने पर कार्रवाई या जुर्माना भी किया जा सकता है।

ट्रेनों से आए यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए परिवहन निगम की ओर से 62 बसें लगाई गई। रोडवेज बस स्टैंड परिसर और प्लेटफार्म पर बसें खड़ी थी, यात्रियों के बैठने के साथ बसें एक-एक कर रवाना हो रही थी। बंदी के चलते अन्य यात्रियों की बसों में उतनी भीड़ नहीं थी और न ही बस पकड़ने की मारामारी। वहीं, लौटने वाली कुछ बसें खाली आ रही थी। बस स्टैंड पर पहुंचने वाले यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग करने के साथ सैनिटाइजेशन किया जा रहा था। वहीं, परिवहन निगम कर्मी कोरोना संक्रमण से डरे-डरे दिखाई पड़ रहे थे। वे यात्रियों से दूरी बनाए हुए थे। प्रदेश में रविवार को सप्ताहिक बंदी का आदेश होने के चलते रोडवेज बसें नहीं चलाने का आदेश था लेकिन बाहर से आने वाले श्रमिकों और यात्रियों के लिए बसों की व्यवस्था करनी थी

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