मुख्‍तार अंसारी के एम्बुलेंस प्रकरण में डा. अलका राय और उनके सहयोगी को बाराबंकी पुलिस ने लिया हिरासत में

एंबुलेंस फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बाराबंकी एआरटीओ में पंजीकृत कराई गई थी।

मुख्तार अंसारी को पेशी पर लाने वाली एम्बुलेन्स काफी चर्चा में रही थी। बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को पंजाब में कोर्ट ले जाने बाद एम्बुलेन्स चर्चा में आई थी। इस बाबत जांच में पता चला था कि यह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बाराबंकी एआरटीओ में पंजीकृत कराई गई थी।

Abhishek SharmaTue, 20 Apr 2021 11:14 AM (IST)

मऊ/ बाराबंकी। मुख्‍तार अंसारी के बाराबंकी में एम्बुलेन्स पंजीयन मामले में नामजद मऊ की डा. अलका राय को बाराबंकी पुलिस ने उनके एक सहयोगी के सहयोगी के साथ मऊ से हिरासत में लिया है। मऊ स्थित उनके आवास से सोमवार रात हिरासत में लेने के बाद आवश्‍यक कार्रवाई करने के बाद पुलिस टीम दोनों को बाराबंकी ले आई है। बताया जा रहा है कि उनको पूछताछ के लिए यहांं लाया गया है।

दरअसल बीते दिनों मुख्तार अंसारी को पेशी पर लाने वाली एम्बुलेन्स काफी चर्चा में रही थी। बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को पंजाब में कोर्ट ले जाने बाद एम्बुलेन्स चर्चा में आई थी। इस बाबत जांच में पता चला था कि यह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बाराबंकी एआरटीओ में पंजीकृत कराई गई थी। इसके बाद एआरटीओ प्रशासन पंकज सिंह ने मऊ जिले की अस्पताल संचालिका डॉ. अलका राय को इसमें नामजद किया था। बाद में उनसे पूछताछ के बाद मुख्तार अंसारी को भी प्रकरण में सह अभियुक्त बनाया गया था। इसमें मुख्तार के करीबी राजनाथ को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। 

मऊ पुलिस के अनुसार बाराबंकी पुलिस इस मामले में कई अन्‍य गवाहों और साक्ष्योंं के लिए डा. अलका राय से बातचीत करना चाह रही थी। वहीं सुरक्षा कारणों से मऊ जिले में आवश्‍यक विधिक कार्रवाई के बाद अलका राय और उनके एक सहयोगी को बाराबंकी पुलिस अपने साथ ले गई है। 

मुख्तार एंबुलेंस मामले में बाराबंकी पुलिस की यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। बाराबंकी पुलिस मऊ से डा. अलका राय व उनके भाई शेष नाथ राय को पूछताछ के लिए बाराबंकी ले गई है। एंबुलेंस का फर्जी कागजात के आधार पर रजिस्ट्रेशन कराने का उनपर आरोप है। इस मामले में पहले भी एक अभियुक्त राजनाथ यादव की गिरफ्तारी हो चुकी है। राजनाथ यादव से पूछताछ के आधार पर ही पुलिस डा. अलका राय के घर सोमवार देर रात पहुंची थी। बाराबंकी पुलिस ने इस केस में मुख्तार अंसारी को भी आरोपी बनाया है। मऊ जिले में दूसरी ओर मुख्तार से जुड़े बाकी गुर्गों के खिलाफ भी पुलिस जल्द एक्शन लेने की तैयारी में है।

प्रकरण में साक्ष्यों के क्रम में धारा-120बी, 506, 177 भादवि व 07 सीएलए एक्ट की बढ़ोतरी करते हुए ग्राम अहिरौली थाना सराय लखंसी, मऊ के राजनाथ यादव पुत्र फुलेश्वर यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। एंबुलेंस प्रकरण में विधायक मुख्तार अंसारी के प्रतिनिधि मुजाहिद की तलाश में जुटी हैं। पुलिस टीम ने न सिर्फ वहां मुजाहिद के परिवारजन से पूछताछ की बल्कि उसके संभावित ठिकानों पर दबिश भी दे रही है। हालांकि, अभी पुलिस को मुजाहिद का पता नहीं मिल सका है। बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को पंजाब में कोर्ट ले जाने बाद एंबुलेंस चर्चा में आई थी। जांच में पता चला था कि यह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बाराबंकी एआरटीओ में पंजीकृत कराई गई थी। इसके बाद एआरटीओ प्रशासन पंकज सिंह ने मऊ की अस्पताल संचालिका डा. अलका राय को नामजद किया था। बाद में उनसे पूछताछ के बाद मुख्तार अंसारी को भी प्रकरण में सह अभियुक्त बनाया गया था।

लाख सफाई व बयान भी उनके मंसूबों पर फेर दिया पानी

सदर विधायक मुख्तार अंसारी को पंजाब के मोहाली कोर्ट में पेशी के लिए ले जाने वाले एंबुलेंस प्रकरण कुछ दिनों तक शांत रहने के बाद एक बार फिर सुर्खियों मं आ गया है। सोमवार की रात बाराबंकी पुलिस भाजपा गोरक्ष प्रांत की महिला मोर्चा की महामंत्री डा. अलका राय और उनके भाई शेषनाथ राय को हिरासत में लेकर चली गई थी। सोमवार को उन्हें व उनके भाई को जेल भेज दिया।  लाख कोशिशों के बाद उनकी गर्दन नहीं बच पाई। मामले के एक आरोपित रामनाथ यादव की पुलिस गिरफ्तारी कर चुकी है। आरोपित विधायक के प्रतिनिधि मुजाहिद की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी भी कर चुकी है लेकिन वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका है।

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