CoronaVirus in Varanasi : शहर में घट रहे संक्रमण के मामले, ग्रामीण अंचलों में बढ़ी चुनौती

कोरोना से ठीक होने वालों की संख्‍या में भी लगातार इजाफा हो रहा है।

कोरोना वायरस संक्रमण की दुश्‍वारियों के बीच वाराणसी जिले से एक अच्‍छी खबर यह है कि अब संक्रमण के मामलों में हर दिन कमी आने के साथ ही ठीक होने वालों की संख्‍या में भी लगातार इजाफा हो रहा है यानि संक्रमण के सक्रिय केस लगातार कम हो रहे हैं।

Abhishek SharmaFri, 14 May 2021 12:40 PM (IST)

वाराणसी, जेएनएन। कोरोना वायरस संक्रमण की दुश्‍वारियों के बीच वाराणसी जिले से एक अच्‍छी खबर यह है कि अब संक्रमण के मामलों में हर दिन कमी आने के साथ ही ठीक होने वालों की संख्‍या में भी लगातार इजाफा हो रहा है यानिसंक्रमण के सक्रिय केस लगातार कम हो रहे हैं। एक समय सक्रिय मामले जहां 18 हजार का आंकड़ा पार कर चुके थे वहीं अब यह आठ हजार से कम हो चुका है। उम्‍मीद है कि अगले 48 घंटों में यह मामले घट कर सात हजार से भी कम पहुंच जाएंगे जबकि सप्‍ताह भर बाद पांच हजार से भी कम सक्रिय मामले होने पर वायरस संक्रमण की स्थिति में सुधार के व्यापक संकेत मिलने लगेंगे। 

शुक्रवार की सुबह 11 बजे सरकारी रिपोर्ट के अनुसार 4269 सैंपल के सापेक्ष मात्र 334 कोरोना के नए मामले सामने आए हैं। जबकि 8535 सैंपलों का परिणाम आना शेष है। जिले में अब तक 672 लोगों ने इस महामारी में अपनीीजान गंवाई है तो 76937 लोग इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं और 68456 लोग इस बीमारी को मात देकर ठीक भी हो चुके हैं। इस समय जिले में 7809 सक्रिय मामले ही शेष बचे हैं। वहीं नई जांच मशीनों के आने की वजह से हर दिन दस हजार सैंपलों की जांच संभव होने से परिणाम भी समय से आ रहे हैं। 

वहीं बीएचयू में डीआरडीओ के नए कोविड अस्‍पताल के संचालन के साथ आक्‍सीजन कंसंट्रेटर के आने के बाद से आक्‍सीजन को लेकर काफी हद तक‍ हालात नियंत्रण में आ चुके हैं। वहीं पखवारे भर पहले बेड फुल होने की स्थिति में सुधार होने के बाद अस्‍पतालों में बेड भी आसानी से मिल रहे हैं। जबकि लॉकडाउन में कुछ राहत मिलने की वजह से दवाओं की आवक भी अब होने लगी है। ऐसे में कोरोना के दवाओं की किल्‍लत भी अब दूर होने से लोगों को राहत मिली है।   

गांवों में बढ़ी दुश्‍वारी

मिर्जामुराद सहित अंचलों में दावे हवाई ही अधिक नजर आ रहे हैं। कोरोना महामारी पर सरकार और प्रशासन द्वारा दावे तो बहुत किए जा रहे हैं,पर जमीं पर हकीकत कुछ और नजर आ रहा। स्वास्थ्य महकमा का तो यह हाल हैं कि कोरोना पॉजिटिव मरीज के परिजनों का सैम्पलिंग करना भी मुनासिब नही समझ रहा।जब विभाग सैम्पलिंग नही करेगा तो संक्रमण पर रोक कैसे लगेगा। हां, इतना जरूर है कि मरीज के मोबाइल पर कुछ दिनों तक कमांड सेंटर से लगायत राज्य कोविड सेंटर तक के फोन जरूर घनघनाते रहते हैं। इतना ही नही घर-घर कोरोना की दवा बांटे जाने की भी पोल खुली।

आराजीलाइन ब्लाक अंतर्गत पड़ने वाले मिर्जामुराद (गौर) निवासी शैलेन्द्र सिंह को 12 अप्रैल को बुखार आया।सेवापुरी पीएचसी पर 16 अप्रैल को कोविड एंटीजेन जांच कराया तो रिपोर्ट पॉजिटिव आयी। चिकित्सक द्वारा पांच दिन की दवा देकर होम आइसोलेशन की सलाह दी गई। होम आइसोलेशन में 14 दिन रहने के बाद 30 अप्रैल को जक्खिनी सीएचसी पर आरटीपीसीआर जांच कराई तो रिपोर्ट फिर पॉजिटिव आयी। होम आइसोलेशन में रहकर फिर से दवा शुरू की गई। रिपोर्ट आने के दूसरे दिन आराजीलाइन स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीज के घर एक कर्मी पहुंचे और हाथ में पांच दिन की दवा थमा मोबाइल में सेल्फी खींच चले गए। इसके बाद दस दिन बीत गए, पर अभी तक स्वास्थ्य विभाग से न कोई चिकित्सक और न ही परिजनों की कोविड सैम्पलिंग लेने हेतु कोई टीम मरीज के घर पहुंची। मरीज ने फोन कर परिजनों समेत खुद का पुनः कोविड टेस्ट कराए जाने की गुहार लगाई, उधर से आराजीलाइन सीएचसी अधीक्षक का मोबाइल नम्बर दिया गया। अधीक्षक को मोबाइल मिलाने पर उन्होंने फोन रिसीव करना मुनासिब न समझ नम्बर काट दिया। 

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