Dealer आज से काटेंगे Commercial वाहनों का टैक्स, फाइल बनाकर भेजेंगे परिवहन कार्यालय

सोमवार से सात टन से अधिक वजन वाली गाडिय़ों का टैक्स और कंप्यूटर फीडिंग परिवहन विभाग के बाबू नहीं करेंगे।
Publish Date:Mon, 28 Sep 2020 06:35 AM (IST) Author: Abhishek Sharma

वाराणसी, जेएनएन। परिवहन विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को कम करने के लिए कई वर्षों से चल रही तैयारी आखिरकार अपने मुकाम पर पहुंच गई। सोमवार से सात टन से अधिक वजन वाली गाडिय़ों का टैक्स और कंप्यूटर फीडिंग परिवहन विभाग के बाबू नहीं करेंगे। शासन ने इन कार्यों की जिम्मेदारी अब डीलरों को सौंप दी है। डीलर गाडिय़ों का पूरा ब्योरा कंप्यूटर में फीड करने के साथ फाइल परिवहन कार्यालय अप्रुवल के लिए भेजेंगे। साथ ही गाडिय़ों का नंबर आवंटित करेंगे। इसके लिए डीलर के कर्मचारियों को प्रशिक्षित कर दिया गया है।

परिवहन कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार, अनायस गाड़ी मालिकों को परेशान करने, पंजीयन के नाम पर सुविधा शुल्क लेने, कर्मचारियों की मनमानी पर नकेल कसने के लिए शासन ने अब सात टन से अधिक वजन वाली सभी व्यावसायिक गाडिय़ों का टैक्स काटने का जिम्मा डीलरों को सौंप दिया है। डीलर गाड़ी का इंजन व चेचिस नंबर, फार्म-22, क्रेता का नाम व पता समेत अन्य ब्योरा कंप्यूटर में दर्ज करेंगे। इसके अलावा फाइल बनाकर परिवहन कार्यालय भेजेंगे। फाइल से कंप्यूटर में मिलान करने के बाद परिवहन अधिकारी अप्रूवल करने के साथ उस गाड़ी को गाड़ी नंबर आवंटित करेंगे। अपर परिवहन आयुक्त (आइटी) विनय कुमार सिंह ने सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) को निर्देश दिया था कि 20 सितंबर तक डीलरों को हरहाल में प्रशिक्षण दे दिया जाए। इसके अलावा डीलर को आइडी और पासवर्ड उपलब्ध करा दिया जाए जिससे वे 28 सितंबर से व्यावसायिक गाडिय़ों का ब्योरा ऑनलाइन कंप्यूटर में फीड कर सकें। 

चोरी के ट्रक कंप्यूटर में कर दिए थे फीड

परिवहन विभाग के बाबू ने चोरी के ट्रकों का ब्योरा कंप्यूटर में फीड कर दिया था। इसी प्रकार ई-रिक्शा के पंजीयन में फर्जी इंश्योरेंस लगा दिया था। विभाग का मानना है कि अब फर्जी डाटा या ब्योरा फीड करने में डीलर फसेंगे। उनका नाम आते ही ट्रेड सर्टिफिकेट निरस्त कर दिया जाएगा।

इन जनपद का हुआ चयन 

लखनऊ, कानपुर, बरेली, आगरा, मेरठ, वाराणसी।

बोले अधिकारी : साढ़े सात टन से अधिक वजन वाली व्यावसायिक गाडिय़ों का पंजीयन शुल्क काटने का जिम्मा डीलरों को दिया गया है। पिछले दिनों डीलरों संग बैठक कर उन्हें प्रशिक्षण दिया गया था। साथ ही आइडी और पासवर्ड भी उपलब्ध करा दिया गया है। 28 सितंबर से डीलर टैक्स रसीद काटेंगे।  -हरिशंकर सिंह, आरटीओ।

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