चंदौली जिले में आइसोलेशन में पड़ा कोविड कोच, कोई नहीं कोविड केयर की सुधि लेने वाला

गया में बनकर तैयार कोविड केयर कोच की कोई सुध ही नहीं ले रहा है।

Covid in chandauli district एक तरफ अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों में बेड के लिए हाहाकार मचा हुआ है वहीं दूसरी तरफ गया में बनकर तैयार कोविड केयर कोच की कोई सुध ही नहीं ले रहा है।

Abhishek SharmaMon, 17 May 2021 06:50 AM (IST)

चंदौली, जेएनएन। एक तरफ अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों में बेड के लिए हाहाकार मचा हुआ है वहीं दूसरी तरफ गया में बनकर तैयार कोविड केयर कोच की कोई सुधि नहीं ले रहा। कोरोना मरीजों के इलाज में सहायता के लिए रेलवे ने कोविड केयर कोच तैयार कराया था। कोविड कोच अब खुद ही आइसोलेशन की पीड़ा झेल रहा है। खिड़कियों पर लगे प्लास्टिक फटने लगे हैं। गया में एक साल से बंद डिब्बे धूल से पट चुके हैं। कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने पर मरीजों के इलाज के लिए बेड उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती थी। इसे ध्यान में रखकर रेल प्रशासन ने गैर वातानुकूलित कोच को कोविड केयर कोच में तब्दील करने का फैसला किया था।

कोरोना संक्रमण की वजह से रोकी गई ट्रेनों को उपयोग में लाने के लिए कोचों को आइसोलेशन वार्ड के रूप में तब्दील कर दिया गया था। राज्य सरकार के निर्देश पर हर जंक्शन पर आइसोलेशन वार्ड की ट्रेन पहुंची। पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडल के गया में 38 रेल डिब्बों को आइसोलेशन वार्ड में बदला गया था। लाखों रुपये खर्च किए गए लेकिन अब तक इनमें कोई भी कोरोना मरीज भर्ती नहीं किया गया। जब से डिब्बे बनकर तैयार हुए हैं, तब से लेकर अब तक इसे एक बार भी खोला नहीं गया है। महीनों से खड़े इन डिब्बें को देखने से यही लग रहा है कि आइसोलेशन डिब्बे तैयार कर रेलवे उनकी देखभाल करना भूल गया।

एक कोच में 16 मरीज हो सकते हैं भर्ती

आइसोलेशन वार्डों की देखभाल के लिए कर्मचारियों की तैनाती की गई है लेकिन डिब्बे की वर्तमान हालत देखने पर यही लग रह है की साफ-सफाई व अन्य वस्तुओं के देखभाल रामभरोसे है। एक कोच में 16 मरीज रखने की सुविधा है। आठ केबिन कोरोना मरीजों के लिए और नौवां मेडिकल स्टाफ के लिए बनाया गया है। ऊपर की बर्थ मरीजों का सामान रखने के लिए तैयार की गई है। सभी कोचों में बिजली, पानी, सैनिटाइजर, आक्सीजन सिलेंडर और दवाइयों की सुविधा उपलब्ध है।

जिला प्रशासन ने की थी दस कोच की मांग

कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने रेलवे से दस आइसोलेशन कोच की मांग की थी। रेलवे ने कोच तैयार भी कर लिया लेकिन आज तक जिला प्रशासन ने इसे नहीं लिया। कोविड कोच गया के पीलिग्रीम साइडिंग में पड़े हुए हैं। प्रशासन की अनदेखी से लाखों रुपये खर्च कर बनाया गया आइसोलेशन कोच आज धूल फांक रहा है।

बोले अधिकारी

जिला प्रशासन की मांग पर आइसोलेशन कोच तैयार किए गए थे। जिला प्रशासन कोच की मांग करता है तो उपलब्ध कराए जाएंगे। - इकबाल अहमद, सीनियर डीओएम गुड्स / पीआरओ।

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