Corona Infection in Varanasi : पीड़िताें को मुफ्त मिलेंगे एंबुलेंस, कंट्रोल रूम में करें फोन

सभी एंबुलेंस सीएमओ के अधीन होंगे और जरूरत के मुताबिक पीड़ित के पास भेजे जाएंगे।

वाराणसी में यूपी स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था किसी से छिपी नहीं है। सामान्य दिनों में एंबुलेंस पहुंचने में घंटों लग जाते हैं। वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण तेजी से फैलने के साथ एंबुलेंस संचालकों और चालकाें ने मनमानी शुरू कर दी।

Saurabh ChakravartyThu, 22 Apr 2021 10:10 AM (IST)

वाराणसी, जेएनएन। स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था किसी से छिपी नहीं है। सामान्य दिनों में एंबुलेंस पहुंचने में घंटों लग जाते हैं। वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण तेजी से फैलने के साथ एंबुलेंस संचालकों और चालकाें ने मनमानी शुरू कर दी। जिला प्रशासन ने मुख्य चिकित्साधिकारी की जवाबदेही तय कर दी है। पीड़ितों से मनमाना पैसा लेने वाले एंबुलेंस चालकों के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ उनके एंबुलेंस को अधिग्रहीत कर लिया है। टोल फ्री नंबर 108 के साथ जिले के कई स्थानों पर कंट्रोल रूम खोल दिया है। कंट्रोल रूम में फोन करने के साथ समय से एंबुलेंस नहीं पहुंचने पर स्वास्थ्य विभाग जिम्मेदार होगा।

कोरोना संक्रमित मरीजों को घर से अस्पताल और अस्पताल से घर पहुंचाने में कोई परेशानी नहीं हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने निजी अस्पतालाें के एंबुलेंस अधिग्रहीत करने के साथ सीएमओ को नोटिस तामिल कराने का निर्देश दिया है। सभी एंबुलेंस सीएमओ के अधीन होंगे और जरूरत के मुताबिक पीड़ित के पास भेजे जाएंगे। डीएम सीएमओ को निर्देश दिया है कि एंबुलेंस भेजने के नाम पर पीड़ितों से अधिक पैसा लेने वाले संचालकों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करें। जरूरत पड़े तो मजिस्ट्रेट और पुलिस का सहयोग लें

दो एएलएस एंबुलेंस

स्वास्थ्य विभाग के पास दो एडवांस लाइट सपोर्ट सिस्टम (एएलएस) एंबुलेंस है। यह दोनों एंबुलेंस सामान्य की अपेक्षा अलग है। इसमें अत्याधुनिक जीवन रक्षक प्रणाली की सभी सुविधा है।

इन नंबरों पर करें आवेदन

काशी कोविड रिस्पांस सेंटर

1077 एवं 1800-180-5567

0542-2221937, 0542-2221939

0542-2221941, 0542-2221942

0542-2221944, 0542-2720005

टोल फ्री नंबर-108

निजी अस्पतालाें को 10 एंबुलेंस तैयार रखने को कहा गया

108 नंबर के 14 एंबुलेंस, दो एडवांस लाइट सपोर्ट सिस्टम (एएलएस), चार एंबुलेंस अधिग्रहीत की गई है। इसके अलावा दो शव वाहिनी है जो 24 घंटे काम कर रही हैं। सभी एंबुलेंस की सेवा मुफ्त है। इसके अलावा निजी अस्पतालाें को 10 एंबुलेंस तैयार रखने को कहा गया है जिससे जरूरत पर बुलाया जा सके।

-डा. वीबी सिंह, सीएमओ

जिले में बने कंट्रोल की मांग पर सीएमओ एंबुलेंस भेजेंगे

जिले में बने कंट्रोल की मांग पर सीएमओ एंबुलेंस भेजेंगे। यह मुफ्त सेवा होगी। एंबुलेंस का खर्च स्वास्थ्य विभाग उठाएगा। शासन से तय किराया स्वास्थ्य विभाग देगा। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग के पास जो एंबुलेंस है उसे जरूरत के हिसाब से भेजे जा रहे हैं।

-कौशल राज शर्मा, जिलाधिकारी

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