Corona Infection in Varanasi : डाक्टर का लिखा पर्चा और सिलेंडर लाइए, ऑक्सीजन मिल जाएगी

रामनगर औद्योगिक क्षेत्र में ऑक्सीजन प्लांट में सभी कर्मचारी ऑक्सीजन रीफिलिंग करने में व्यस्थ है।

रामनगर के प्लांटों में कर्मचारी 16 घंटे तक रीफिलिंग का कार्य हो रहा हैं। पहले यह कार्य आठ घंटे ही था। हालांकि सुविधा 24 घंटे की पहले भी थी। छोटे सिलेंडर को भरने में करीब पांच मिनट लगता और बड़े सिलेंडर को भरने में 15 मिनट का समय लगता है।

Saurabh ChakravartyThu, 22 Apr 2021 08:40 AM (IST)

वाराणसी, जेएनएन। रामनगर एवं अन्य स्थानों पर स्थापित ऑक्सीजन प्लांट के अधिकािरयों के फोन खूब घनघना रहे हैं। फोन उठाने पर तुरंत उधर से यही आवाज आती है हैलो, मुझे ऑक्सीजन भरे सिलेंडर की आवश्यकता है। मेरे मरीज को ऑक्सीजन चढ़ाना बहुत जरूरी है। इसके बाद प्लांट के अधिकारी उन्हें समझाते हैं के उनके पास सिलेंडर नहीं है। हां, अगर आप सिलेंडर लाते हैं तो उसमें तत्काल ऑक्सीजन भर दिया जाएगा। सिलेंडर के साथ ही आपको कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट में एवं डॉक्टर द्वारा लिखी वह पर्ची भी बहुत जरूरी है जिसमें ऑक्सीन चढ़ाने के बारे में परामर्श हो।

दैनिक जागरण की टीम बुधवार को रामनगर औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट का दौरा किया। हर प्लांट में सभी कर्मचारी ऑक्सीजन रीफिलिंग करने में व्यस्थ थे। प्लांट के बाहर डीलर ही नहीं बल्कि अस्पतालों के प्रतिनिधि व मरीजों के परिजनों की भीड़ थी। कुछ एंबुलेंस भी खड़ी थी।

हर फोन मांग रहे थे ऑक्सीजन भरा सिलेंडर

रामनगर औद्योगिक क्षेत्र में मेड टेक गैसेज प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधक आरके ऊर्फ राजू वर्मा से मुलाकात हुई। हमने उनके साथ करीब पौने घंटे बिताए। इस बीच उनके पास करीब चार दर्जन लोगों के फोन आए। यह खास थी कि वे सभी के फोन का जवाब दे रहे थे। जवाब दे भी क्यों न, हर कोई एक आस एवं उम्मीद से फोन कर रहा था। राजू के फोन उठाते ही सामने से यही आवाज आ रही है थी, हैलो, मुझे ऑक्सीजन सिलेंडर की बहुत आवश्यकता आन पड़ी है। हमारे स्वजन की इससे जान बच सकती है। इसके बाद राजू भी उनकी जिज्ञासाओं को पूरी सहानुभूति के साथ शांत कर रहे थे और भरोसा दिला रहे थे कि चिंता करने की जरूरत नहीं है। अगर सिलेंडर और डाक्टर द्वारा लिखी पर्ची है तो ऑक्सीजन जरूर मिलेगी। यही हाल लगभग सभी प्लांट की थी।

सिलेंडर में ऑक्सीन भरने की इन प्लांटों की क्षमता

ऑक्सीजन   प्लांट

900       मेड टेक प्रा. लि.

900       शाश्वत गैसेज

900       अन्नपूर्ण इंडस्ट्रीज

650       इंडिया एयर गैसेज

450      अन्नपूर्णा गैसेज

200       विद्या गैसेज

16 घंटे तक कार्य कर रहे कर्मचारी

इन प्लांटों में कर्मचारी 16 घंटे तक रीफिलिंग का कार्य कर रहे हैं। पहले यह कार्य आठ घंटे ही होता था। हालांकि सुविधा 24 घंटे की पहले भी थी। छोटे सिलेंडर को भरने में करीब पांच मिनट लगता है। वहीं बड़े सिलेंडर को भरने में लगभग 15 मिनट का समय लग रहा है।

टाटा, बोकारो व रांची से मंगाई जा रही गैस

यहां के प्लांट वाले अपने टैंकर से जमशेदपुर टाटा, बोकारो व रांची से गैस मंगा रहे हैं। फिर यहां पर अपने टैंक में भरते हैं। बताया जा रहा है पहले जहां पांच दिन में टैंक खाली होती थी वहीं अब महज तीन दिन में ही खाली हो जा रही है।

लिक्विड व नेचुरल गैस दोनों से ऑक्सीजन

चंदौली के उपायुक्त, उद्योग गौरव मिश्र ने बताया कि जिले में छह प्लांट संचालित हो रहे हैं। जिनकी क्षमता प्रतिदिन करीब 4000 सिलेंडर भरने की है। उन्होंने बताया कि मेड टेक व अन्नपूर्णा इंडस्ट्रीज की ओर से लिक्विड गैस से तो अन्य प्लांटों में नेचुरल गैस से ऑक्सीजन का उत्पादन किया जा रहा है।

ऑक्सीजन प्लांट के लिए तीन और उद्यमी आए आगे

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच ऑक्सीजन की किल्लत भी लगातार बढ़ रही है। इस कमी को दूर करने के लिए नगर के प्रमुख उद्यमी एवं इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आरके चौधरी ने दीनदयाल अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट बैठाने के लिए जिला प्रशासन को प्रस्ताव दिया है। संयुक्त आयुक्त, उद्योग उमेश कुमार सिंह ने बताया कि आरके चौधरी के अलावा तीन और उद्यमी में प्लांट स्थापित करने के लिए आग आए हैं। उन्हेंने प्लांट में उपयोग आने वाली मशीनों एवं अन्य उपकरण का विवरण उपलब्ध करा दिया गया है।

बड़ा सिलेंडर 345 तो छोटे सिलेंडर की रीफिलिंग मात्र 150 रुपये में

इस कोरोना महामारी में कुछ लोग ऑक्सीजन हजारों रुपये में बेच रहे हैं, जबकि इसकी कीमत कुछ सौ ही है। मेड टेक के प्रबंधक आरके वर्मा ने बताया कि उनके यहां छोटा सिलेंडर 150 प्लस जीएसटी और बड़े सिलेंडर की रीफिलिंग 345 रुपये प्लस जीएसटी में हो रही है।

10 लीटर ऑक्सीजन आता है छोटा सिलेंडर में

47 लीटर ऑक्सीजन आता है बाड़ा सिलेंडर में

गुजरात में होता है सिलेंडर का उत्पादन

ऑक्सीजन सिलेंडर का उत्पादन गुजरात में होता है। इस लिए प्रशासन ने भी वहीं से नए सिलेंडर मंगवाए हैं। सिलेंडर के साथ ही प्लांट स्थापित करने में लगने वाले मशीनों का भी उत्पादन गुजरात में ही होता है।

 

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