पूर्वांचल में पुरनियों से फिसल रहा कांग्रेस का हाथ, ललितेश के इस्तीफे के बाद डैमेज कंट्रोल की तैयारी

कांग्रेस के रणनीतिकारों की मानें तो उनको बखूबी पता है कि यूपी में किला फतह करना है तो पूर्वांचल जीतना होगा। कांग्रेस से ललितेशपति त्रिपाठी ने इस्तीफा देकर पार्टी की बुनियाद हिलाकर रख दिया है। पार्टी पूर्वांचल जीतने के लिए बनारस को केंद्र मान रही है।

Abhishek SharmaSat, 25 Sep 2021 03:52 PM (IST)
कांग्रेस से ललितेशपति त्रिपाठी ने इस्तीफा देकर पार्टी की बुनियाद हिलाकर रख दिया है।

वाराणसी [सौरभ चंद्र पांडेय]। प्रदेश में आगामी वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए सभी छोटी-बड़ी पार्टियां कमर कस चुकी हैं। सभी पार्टी इस समय युवाओं और ब्राह्मण मतदाताओं पर केंद्रित है। जाहिर है 32 वर्षों से सत्ता से बाहर कांग्रेस भी वर्ष 2022 में प्रदेश की सत्ता पर काबिज होने के लिए लालायित है। कांग्रेस के रणनीतिकारों की मानें तो उनको बखूबी पता है कि यूपी में किला फतह करना है तो पूर्वांचल जीतना होगा। इसकी नींव तैयार करने कोशिश में जुटी कांग्रेस से ललितेशपति त्रिपाठी ने इस्तीफा देकर पार्टी की बुनियाद हिलाकर रख दिया है। पार्टी पूर्वांचल जीतने के लिए बनारस को केंद्र मान रही है। जबकि हाल यह है कि पार्टी यही समृद्ध नहीं है। जानकारों की मानें तो शीर्ष नेतृत्व का विश्वास जहां जमा है वहां पुरनिए हाथ से फिसलते जा रहे हैं।

तीसरे हाउस से युवाओं का है मजबूत जुड़ाव : एक दौर था जब कांग्रेस की नीतियां औरंगाबाद हाउस से बनती-बिगड़ती थी। उसके बाद उस हाउस में सेंधमारी करके पूर्व सांसद डा. राजेश मिश्रा ने खजूरी हाउस बनाया। हालांकि यह हाउस पांच साल से ज्यादा चल नहीं सका। अब युवाओं को साथ लेकर पूर्व विधायक अजय राय महामंडल नगर हाउस को तैयार कर रहे हैं। हालांकि यहां युवाओं को खूब तरजीह मिल रही है। लेकिन पुरनिए इस हाउस में फिट नहीं बैठ रहे हैं। वहीं पुरनियों के साथ जुड़े युवा भी इस हाउस से तालमेल नहीं स्थापित कर पा रहे हैं। जिसकी नाराजगी ललितेश पति के इस्तीफे के रूप में दिखाई दी।

इसलिए साथ हैं नए युवा : बात महामंडल नगर हाउस की करें तो यहां तैयार हो रहे कांग्रेस के सिपाही को हर सुख-सुविधा मुहैया कराई जाती है जिसकी वह अपेक्षा रखता है। इन युवाओं को पता है कि आने वाला कल हमारा है। इस कारण युवाओं का नाता इस हाउस से बहुत गाढ़ा है। इसी मजबूत स्थिति को देखकर शीर्ष नेतृत्व भी विश्वास जमाए बैठा है।

हर पद पर आसीन है इसी हाउस के नातेदार : कुछ वरिष्ठ कांग्रेसियों की मानें तो मौजूदा दौर में जिला और महानगर कांग्रेस कमेटी के सभी महत्वपूर्ण पदों पर इस हाउस से नाता रखने वाले लोग ही आसीन है। इस हाउस के मुखिया की बात को शीर्ष नेतृत्व बखूबी मान भी लेता है। बनारस के पुरनिए कांग्रेसी हैरत में हैं कि आखिर शीर्ष नेतृत्व को नए हाउस पर इतना विश्वास क्यों है।

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