वाणिज्य कर विभाग : वाराणसी में सचल दल की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल, विभाग सुधारेगा अपना हाल

वाराणसी में सचल दल की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल से वाणिज्य कर मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी नाराज हैं। अपनी छवि सुधारने के लिए अब विभाग सचल दल और विशेष अनुसंधान शाखा (एसआइबी) के कार्यक्षेत्र में बदलाव करने जा रहा है।

Saurabh ChakravartyWed, 28 Jul 2021 11:02 AM (IST)
सचल दल की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल से वाणिज्य कर मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी नाराज हैं।

वाराणसी, जागरण संवाददाता। सचल दल की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल से वाणिज्य कर मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी नाराज हैं। अपनी छवि सुधारने के लिए अब विभाग सचल दल और विशेष अनुसंधान शाखा (एसआइबी) के कार्यक्षेत्र में बदलाव करने जा रहा है। इसके तहत सचल दल में काम कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को अब कर निर्धारण के कार्य में लगाया जाएगा। वहीं उनकी जगह सचल दल में नए अधिकारियों और कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा। सचल दल को सक्रिय करने से विभाग को बेहतर तरीके से राजस्‍व की भी प्राप्ति होगी। टैक्‍स चोरी को रोकने में भी सहायक होगा। कोरोना काल में कई व्‍यापारियों ने टैक्‍स देने में वक्‍त लगा दिया। इसके अलावा समय-समय वाणिज्‍यकर विभाग के नियमों खास तौर से जीएसटी में जो बदलाव होते हैं उसकी भी जानकारी व्‍यापारियों को नहीं मिल पाती है।

विभाग कर रहा है तबादला नीति में बदलाव

वाणिज्य कर विभाग अपनी तबादला नीति में बदलाव कर रहा है। नए नीति के तहत सचल दल से सचल दल में, सचल दल से एसआइबी में, एसआइबी से एसआइबी में, एसआइबी से सचल दल में किसी का तबादला नहीं होगा। इसका सीधा अर्थ है कि जो लोग अभी सचल दल और एसआइबी में कार्य कर रहे हैं उनको हटाकर कर निर्धारण में लगाया जाएगा। यानी अब जो सचल दल की नई टीम बनाई जाएगी उसमें कोई भी पुराना चेहरा नहीं होगा। तबादले के लिए सूची बनाई जा रही है। तैयार होते ही इसे जल्द जारी किया जाएगा।

व्यापारियों ने इस पर उठाया था सवाल, सीएम को भेजा था पत्र

सचल दल की कार्यप्रणाली को लेकर व्यापारियों ने गत दिनों एक ऑनलाइन बैठक किया था। जिसमें सभी व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने प्रतिभाग किया था। इस बैठक में व्यापारियों ने कहा था कि सचल दल व्यापारियों से अपराधियों की तरह व्यवहार करता है। व्यापारियों का उत्पीड़न करता है। इस बैठक में ही व्यापारियों ने अपनी समस्याओं के बाबत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित पत्र लिखा था।

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