मीरजापुर में फूड प्वाइजनिंग से बालक की मौत, लापरहवाही का आरोप लगाकर स्वास्थ्य केंद्र पर हंगामा

सूचना पर तत्काल एसडीएम अमित कुमार शुक्ल मौके पर पंहुचकर शासन से सहायता राशि दिलाने की बात कही। बालक के पिता ने एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर इलाज में लापरवाही बरतने व पर्याप्त मात्रा में स्वास्थ्य केंद्र पर दवा उपलब्ध न होने की शिकायत की।

Abhishek SharmaTue, 28 Sep 2021 10:50 AM (IST)
इलाज में लापरवाही बरतने व पर्याप्त मात्रा में स्वास्थ्य केंद्र पर दवा उपलब्ध न होने की शिकायत की।

मीरजापुर, जागरण संवाददाता। हलिया थाना क्षेत्र के कस्बा सोनकर बस्ती निवासी विजय सोनकर के तीन वर्षीय पुत्र लखन की सोमवार की शाम फूड प्वाइजनिंग से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज के दौरान मौत हो गई। स्वजन व बस्ती के लोग स्वास्थ्यकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाकर स्वास्थ्य केंद्र पर हंगामा करने लगे। प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह ने भारी संख्या में पुलिसकर्मियों को स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात कर दिया और घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। बालक के स्वजन उच्चाधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। कहा कि उच्चाधिकारियों के आने के बाद ही बालक के शव को स्वास्थ्य केंद्र से हटाया जाएगा।

सूचना पर तत्काल एसडीएम अमित कुमार शुक्ल मौके पर पंहुचकर शासन से सहायता राशि दिलाने की बात कही। बालक के पिता ने एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर इलाज में लापरवाही बरतने व पर्याप्त मात्रा में स्वास्थ्य केंद्र पर दवा उपलब्ध न होने की शिकायत की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रात में ही स्वास्थ्य केंद्र पर पंहुचे सीएमओ डा. पीडी गुप्ता से भी स्वजन स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा इलाज में लापरवाही बरतने की शिकायत किए। कहा कि स्वास्थ्य केंद्र पर पर्याप्त मात्रा में दवाएं भी उपलब्ध नहीं है और न ही कोई विशेषज्ञ है। ग्रामीणों ने शौचालय की गंदगी सहित वार्ड में भी गंदगी होने की शिकायत की। सीएमओ ने फूड प्वाइजनिंग के मरीजों के संबंध में स्वास्थ्य कर्मियों सहित ग्रामीणों से जानकारी ली। इस दौरान सांसद प्रतिनिधि विकास कुमार, ग्राम प्रधान शिवबाबू सेठ सहित अन्य लोगों ने सीएमओ से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग की। सीएमओ ने बताया कि शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

फूड प्वाइजनिंग से पांच दिनों में 58 लोग बीमार : ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर भी लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि अगर पहले ही स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारी चेत गए होते तो यह स्थिति नहीं होती। फूड विभाग की भी लापरवाही सामने आ रही है। फूड प्वाइजनिंग के बाद भी बाजार में दुकानों से सैंपल नहीं लिया गया।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.