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वाराणसी मंडलीय अस्पताल में कोविड-19 लैब का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से किया लोकार्पण

वाराणसी, जेएनएन। सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बनारस समेत प्रदेश के सात मंडलीय जनपदों में नवीन कोविड-19 लैबों का लोकार्पण किया। उन्होंने 31 जुलाई तक चलने वाले जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े का भी लखनऊ से शुभारंभ किया।

सीएम योगी ने जनसंख्या स्थिरता पर प्रभावी तरीके से कार्य करते हुए प्रदेश के हर घर-परिवार तक सीमित परिवार का संदेश पहुंचाने और परिवारों द्वारा इसे आत्मसात करने की जरूरत पर बल दिया। कोविड लैब जनता को समॢपत करते हुए कहा कि इससे कोरोना के जांच की दर में तेजी आएगी, जिससे समय पर इलाज व संक्रमण से बचाव में आसानी होगी। स्वागत स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह व धन्यवाद ज्ञापन अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने किया। इस अवसर पर चिकित्सा, शिक्षा, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, मुख्य सचिव आरके तिवारी, अपर मुख्य सचिव (गृह एवं सूचना) अवनीश अवस्थी, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा रजनीश दुबे आदि वीडियो कांफ्रेंसिंग में शामिल थे।

पूर्व से संचालित लैब किए गए कोविड-19 लैब में तब्दील

जिले के साथ ही प्रदेश के सात मंडलीय जनपदों में स्थापित कोविड-19 लैब पूर्व में संचालित लैबों में थोड़े परिवर्तन के साथ शुरू किए गए हैं। यहां आरटीपीसीआर मशीन के माध्यम से सैंपलों की जांच की जाएगी। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने कहा कि अब तक जिले के सैंपल बीएचयू के साथ ही जरूरत पडऩे पर केजीएमयू भेजे जाते थे। अब एसएसपीजी मंडलीय अस्पताल के लैब में भी आरटीपीसीआर मशीन स्थापित होने से जांच की दर में तेजी आएगी और लंबित मामलों में कमी आएगी। कोरोना की जांच रिपोर्ट जल्द मिलने से मरीजों  के समय से इलाज, उनके संपर्क में आने वालों की खोज व हॉटस्पॉट क्षेत्रों के निर्धारण में तेजी आएगी। वहीं सीएमओ डा. वीबी सिंह ने बताया कि मंडलीय अस्पताल में स्थापित लैब में लखनऊ से आए दो वायरालॉजी साइंटिस्ट व अन्य स्टाफ की तैनाती की गई है। जल्द ही लैब का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इस अवसर पर एसआइसी डा. बीएन श्रीवास्तव, वरिष्ठ परामर्शदाता डा. प्रसन्न कुमार आदि थे।

निजी अस्पताल में रखे जाएंगे बिना लक्षण वाले मरीज

सीएमओ डा. वीबी सिंह ने बताया कि कोविड-19 के बिना लक्षण (ए-सिम्प्टोमैटिक) व कम लक्षण (माइल्ड सिम्प्टोमैटिक) वाले मरीजों के आइसोलेशन व इलाज के लिए सारनाथ स्थित मैरिडियन हॉस्पिटल व नदेसर स्थित गुप्ता इन होटल को प्रशासन ने अधिकृत किया गया है। इलाज के लिए मरीज को सारा खर्च स्वयं वहन करना होगा। इसलिए यहां केवल आर्थिक रूप से संपन्न कोरोना पॉजिटिव मरीजों को ही रखा जाएगा। एसीएमओ डा. संजय राय ने बताया कि आइएमएस-बीएचयू स्थित माइक्रोबायोलाजी लैब को कोरोना की जांच के लिए 250 ट्रूनॉट मशीन जांच किट लखनउ से मंगाकर उपलब्ध कराया गया है।

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