23 साल से चंदौली का राजस्व अभिलेख वाराणसी में, अभिलेखागार घोषित हो चुका है निष्प्रयोज्य

राजस्व दस्तावेज सुरक्षित रखे गए हैं लेकिन अब उक्त भवन को निष्प्रयोज्य घोषित कर दिया गया है।

वाराणसी के अभिलेखागार में वाराणसी व चंदौली के राजस्व दस्तावेज सुरक्षित रखे गए हैं लेकिन अब उक्त भवन को निष्प्रयोज्य घोषित कर दिया गया है। अभिलेखागार पूरी तरह जीर्णशीर्ण अवस्था में है। बरसात में छत से पानी टपकता है।

Publish Date:Sat, 16 Jan 2021 03:49 PM (IST) Author: Abhishek sharma

वाराणसी, जेएनएन। सरकारी कार्यालय बहुत हद तक अपडेट हुए हैं। बच्चों के वजीफा से लगायत कर्मचारियों की पगार तक आनलाइन खाते में पहुंच रही है किंतु भागमभाग की रेस में कुछ पीछे छूट गया। इसी में शामिल रहा सरकारी दस्तावेजों का रखरखाव। लापरवाही नहीं बल्कि विवशता ही नाम दे सकते हैं कि 1997 में वाराणसी से अलग हुआ चंदौली जनपद अपना भू राजस्व दस्तावेज यहां से नहीं ले जा सका। कारण, जिले में अभिलेखागार का न होना है। पिछले 23 साल से अधिकारी व पब्लिक को दस्तावेज देखने के लिए चंदौली से वाराणसी आना पड़ता है।

मजे की बात है कि वाराणसी के अभिलेखागार में वाराणसी व चंदौली के राजस्व दस्तावेज सुरक्षित रखे गए हैं लेकिन अब उक्त भवन को निष्प्रयोज्य घोषित कर दिया गया है। अभिलेखागार पूरी तरह जीर्णशीर्ण अवस्था में है। बरसात में छत से पानी टपकता है तो दीवार में सीड़न, चूहा, कीड़ों की वजह से बहुत से दस्तावेज खराब हो रहे हैं। इसी क्रम में पिछले दो साल से चंदौली को जिला प्रशासन पत्र लिख रहा है कि दस्तावेज यहां से ले जाएं। लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। फसली का अभिलेख का मुआयना बंद निष्प्रयोज्य अभिलेखागार में 1291 फसली का रिकार्ड है। इसकी स्थिति बहुत खराब है। जिला प्रशासन ने इस दस्तावेज के मुआयना पर रोक लगा दी है।

दस्तावेज को लेकर एडीएम ने फोन पर की बात एडीएम प्रशासन रणविजय सिंह ने हाल ही में अभिलेखागार के निरीक्षण में बहुतायत कमियों पाईं थी। दस्तावेज को लेकर चंदौली के एडीएम वित्त एवं राजस्व से फोन पर बात की। चंदौली के अफसर ने आश्वासन दिया कि शीघ्र दस्तावेज मंगा लिए जाएंगे।

- चंदौली में अभिलेखागार अंडर कंस्ट्रक्शन में है। एक माह में इसका निर्माण हो जाएगा। निर्माण के बाद वाराणसी से राजस्व अभिलेख मंगा लिए जाएंगे। अभिलेखागार न होने के कारण मंगाना संभव नहीं हुआ। निश्चित, इससे पब्लिक व अफसरों को परेशानी होती है। -अतुल कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व चंदौली।

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