बिना कारोबार चलता रहा बिल और कर चोरी का खेल, सीजीएसटी विभाग ने पकड़ी 8.15 करोड़ की टैक्स चोरी

अवैध रूप से कारोबार करने वाले कर चोरी के लिए कई तरह के हथकंडा अपना रहे हैं।

अवैध रूप से कारोबार करने वाले कर चोरी के लिए कई तरह के हथकंडा अपना रहे हैं। केंद्रीय वस्तु सेवा कर (सीजीएसटी) ने एक ही माह में 11 ऐसे मामले पकड़े हैं जिसमें बिल तो भेजा जा रहा था लेकिन बिजनेस नहीं हो रहा है।

Saurabh ChakravartyThu, 18 Mar 2021 06:10 AM (IST)

वाराणसी, जेएनएन। अवैध रूप से कारोबार करने वाले कर चोरी के लिए कई तरह के हथकंडा अपना रहे हैं। केंद्रीय वस्तु सेवा कर (सीजीएसटी) ने एक ही माह में 11 ऐसे मामले पकड़े हैं जिसमें बिल तो भेजा जा रहा था लेकिन बिजनेस नहीं हो रहा है। इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) का लाभ पाने के लिए इस तरह का हथकंडा अपनाने वालों से विभाग 8.15 करोड़ की कर चोरी पकड़ी है। यह खेल वाराणसी, चंदौली व गोरखपुर में चल रहा था। इसके अलावा बिना बिल ही कारोबार करने के मामले में अन्य तीन फर्मों को भी पकड़ा गया है।

सीजीएसटी विभाग के आयुक्त ललन कुमार, संयुक्त राजेंद्र कुमार के निर्देशन में सहायक आयुक्त आदिल अशरफ व उनकी टीम ने पिछले माह में कई फर्मों पर छापेमारी कर जांच की। इस दौरान पाया गया कि वाराणसी के साथ ही चंदौली व गोरखपुर में 11 ऐसी फर्में हैं जो फर्जी बिल का खेल कर रही है। कारण कि बिल के बाद जहां माल भेजा जाता है उस कारोबारी को आईटीसी का लाभ मिलता है। ऐसे मामले अक्सर ही सामने आते हैं। ये फर्मे बस बिल भेजती रही। जब इसकी गहनता से जांच की गई तो पता चला कि बिना माल के ही सिर्फ बिल ही दौड़ता रहा। इसके तहत कोयला, सुपारी आदि का कारोबार किया जा रहा था। इन मामलों में विभाग ने 8.15 करोड़ की कर चोरी पकड़ते हुए वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी है। इसमें से कुछ राशि जमा भी करा ली गई है। इसके अलावा गोरखपुर में फर्नीचर, वाराणसी व आजमगढ़ में पान मसाला बनाने वाली तीन फर्म को पकड़ा गया है। ये फर्मे बिना बिल के ही कारोबार कर रही थी। इस मामले में विभाग ने इन तीनों फर्मों पर 2.60 करोड़ की कर चोरी पकड़ गई है। आयुक्त ललन कुमार ने बताया कि कर चोरी करने वाले किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। बताया कि छापेमारी निरंतर जारी रहेगी।

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