वाराणसी में मां गंगा के अर्द्धचंद्राकार स्वरूप को खत्म करना चाहती है केंद्र की सरकार : अजय राय

पूर्व विधायक और वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता अजय राय ने शनिवार को कहा कि केंद्र की मोदी और राज्य की योगी सरकार काशी में आदि-अनादि काल से अर्द्ध चंद्राकार में प्रवाहित हो रही मां गंगा के स्वरूप को समाप्त करना चाहती है।

Saurabh ChakravartySat, 12 Jun 2021 06:10 PM (IST)
पूर्व विधायक और वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता अजय राय

वाराणसी, जेएनएन। पूर्व विधायक और वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता अजय राय ने शनिवार को कहा कि केंद्र की मोदी और राज्य की योगी सरकार काशी में आदि-अनादि काल से अर्द्ध चंद्राकार में प्रवाहित हो रही मां गंगा के स्वरूप को समाप्त करना चाहती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशीवासियों को गंगा के नाम पर केवल ठगने का काम किया है। गंगा में नालों के गिरने का क्रम अब भी जारी है। अब सरकार उस पार नहर का निर्माण कर रही है। जिसका सीधा प्रभाव गंगा के वतर्मान स्वरूप पर पड़ेगा। बिना विशेषज्ञों की अनुमति के लिए सरकार ने गंगा के मूलरूप से खिलवाड़ किया है।

उद्योगपतियों द्वारा संचालित सरकार बाजारीकरण के लिए यह कार्य कर रही है। सफाई के नाम पर केवल लूट मचा है। संत रविदास घाट के निकट गंगाजल काला हो गया है। गंगा का प्रवाह अत्यंत मंद हो गया है। कई घाटों पर गंगाजल इन दिनों हरा दिख रहा है। कई जगहों पर तो सीढ़ियों से गंगाजल का संपर्क ही टूट गया है। इन समस्याओं को ताख पर रखकर यह सरकार फिजूल खर्च कर बाजारीकरण के उद्देश्य से उस पार रेती पर नए नहर का निर्माण कार्य करने में जुटी है। इस विषय पर गंगा वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों व जानकारों ने भी चिंता व्यक्त की परंतु यह सरकार अपने अहंकार में चूर है। गंगा के समानांतर नहर बनाना विशुद्ध रूप से अमानवीय कृत्य है। अरबों रूपये व्यय करके सरकार नए समस्याओं को जन्म दे रही है।

सरकार अभी तक यह स्पष्ट नहीं कर पा रही है कि उस पार नहर बनाने से क्या फायदा होगा। यह सरकार काशी की जनता को अंधेरे में रखकर गुमराह करके काशी के अस्तित्व से खिलवाड़ कर रही है। यह सरकार सनातन धर्म विरोधी सरकार है। कांग्रेस पार्टी गंगा के स्वरूप से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ चुप नहीं रहेगी। इसके लिए विस्तृत आंदोलन किया जाएगा। सरकार को अपनी मंशा को स्पष्ट करना ही पड़ेगा।

गंगा में शैवाल की जांच को आज आएगी नमामि गंगे की टीम : गंगा में शैवाल की जांच के लिए अब नमामि गंगे की टीम रिसर्च आफिसर नीरज अहलावत के नेतृत्व में रविवार को बनारस आएगी। राजघाट, अस्सी घाट सहित अन्य स्थानों से टीम गंगा से पानी का सैंपल लेगी। ज्ञात हो कि जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा के निर्देश के क्रम में अपर नगर मजिस्ट्रेट (द्वितीय) महेंद्र कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में सहायक पुलिस आयुक्त (दशाश्वमेघ) अवधेश पांडेय सहित अधिकारियों की टीम ने आठ जून को खिड़किया घाट से मिर्जापुर तक गंगा नदी में विभिन्न स्थानों पर जहां-जहां पानी हरा मिला सैंपलिग की थी। गंगा नदी में पिछले एक पखवारा से हरे शैवाल मिलने पर क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जांच कराई गई थी। मगर मूल वजह की जानकारी नहीं हो पाई थी।

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