वाराणसी में सुसाइड नोट लिखकर वकील ने कचहरी में खाया विषाक्त पदार्थ, परिवार को प्रताडि़त करने का लगाया आरोप

फूलपुर थाना क्षेत्र के सगुनहां निवासी अधिवक्ता देवेंद्र कुमार मिश्रा ने शुक्रवार को सात पन्नों का सुसाइड नोट लिखने के बाद कचहरी में विषाक्त पदार्थ खा लिया। अधिवक्ता को पं. दीनदयाल अस्पताल ले जाया गया जहां से उन्हें मंडलीय चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया गया।

Saurabh ChakravartyFri, 24 Sep 2021 10:32 PM (IST)
अधिवक्ता देवेंद्र मिश्रा ने शुक्रवार को सात पन्नों का सुसाइड नोट लिखने के बाद कचहरी में विषाक्त पदार्थ खा लिया

जागरण संवाददाता, वाराणसी। फूलपुर थाना क्षेत्र के सगुनहां निवासी अधिवक्ता देवेंद्र कुमार मिश्रा ने शुक्रवार को सात पन्नों का सुसाइड नोट लिखने के बाद कचहरी में विषाक्त पदार्थ खा लिया। अधिवक्ता को पं. दीनदयाल अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें मंडलीय चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया गया। अधिवक्ता की हालत गंभीर बनी है। अधिवक्ता ने सेंट्रल व बनारस बार के अध्यक्ष व महामंत्री के नाम अपने सुसाइड नोट में सीओ पिंडरा, बाबतपुर चौकी इंचार्ज सहित चचेरे भाइयों, पर लगातार खुद को और अपने परिवार को प्रताडि़त करने का आरोप लगाया है। डा. वीके सिंह के मुताबिक अधिवक्ता की हालत खतरे से बाहर है।

अधिवक्ता ने सुसाइड नोट में लिखा है कि एक दबंग होटल संचालक के साथ मिलकर सीओ पिंडरा और बाबतपुर चौकी इंचार्ज उन्हेंं और उनके परिवार को पिछले तीन महीने से लगातार प्रताडि़त कर रहे हैं। अधिवक्ता ने यह भी लिखा है कि मैं पुलिस की प्रताडऩा से थक चुका हूं, इसलिए यह कदम उठा रहा हूं। अधिवक्ता देवेंद्र मिश्रा ने आगे लिखा है कि मेरी पत्नी ने गांव में ही आधा बिस्वा जमीन खरीदा है, जिसे होटल संचालक जमीन को छोडऩे के लिए लगातार मेरे परिवार पर दबाव बना रहे हैं।

अधिवक्ता ने यह भी आरोप लगाय है कि, चौकी इंचार्ज हर दूसरे दिन उनके घर बेवजह की छापेमारी करने चले आते हैं। गत 14 और 15 सितंबर को लगातार दो दिन सीओ ने मुझे कार्यालय बुलाकर जमीन को छोडऩे को कहा। ऐसा न करने पर फर्जी मामलों में फंसाने की धमकी भी दी। अधिवक्ता का आरोप है कि, इस बाबत उन्होंने मुख्यमंत्री सहित सभी जिम्मेदार लोगों को प्रार्थना पत्र दिया। सुनवाई नहीं हुई। सीओ पिंडरा अभिषेक पांडेय ने अधिवक्ता के आरोपों की जानकारी से इन्कार किया है। कहा कि, मैंने उनका लेटर नहीं पढ़ा है। मगर जहां तक मुझे पता है कि उनके खिलाफ पहले से सात-आठ मुकदमें दर्ज हैं। इनमें जमीन संबंधित विवाद भी शामिल है। उनके आरोपों की जांच की जाएगी। कुछ मुकदमों में वह जमानत पर हैं।

 

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