विदेश व्यापार में धन डूबने की चिंता से मुक्त होंगे कारोबारी, एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कारपोरेशन की पहल

लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कारपोरेशन (ईसीजीसी) के प्रति उदारता का परिचय दिया है। चालू वित्तीय वर्ष में सरकार की ओर से ईसीजीसी को 500 करोड़ रुपये देने का निर्णय लिया गया है।

Saurabh ChakravartySun, 03 Oct 2021 12:32 PM (IST)
लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कारपोरेशन के प्रति उदारता का परिचय दिया है।

जागरण संवाददाता, भदोही। लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कारपोरेशन (ईसीजीसी) के प्रति उदारता का परिचय दिया है। चालू वित्तीय वर्ष में सरकार की ओर से ईसीजीसी को 500 करोड़ रुपये देने का निर्णय लिया गया है ताकि विदेशों से व्यापार करने वाले उद्यमियों को बीमा कवर का अधिक से अधिक लाभ मिल सके। कोरोना काल में उपजे हालात को देखते हुए भुगतान को लेकर अनिश्चितता का वातावरण हो गया है। ऐसे समय में सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए ईसीजीसी को मजबूत करने का निर्णय लिया है। जल्द ही इस संबंध में ईसीजीसी के अधिकारी निर्यातकों संग बैठक कर उन्हें निर्यात पर बीमा कवर के बारे में जागरूक करेंगे। ताकि इसका लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिल सके।

सरकार द्वारा ईसीजीसी की स्थापना निर्यातकों को विदेशी बाजारों व दूसरी अनिश्चितताओं से कवरेज देने के लिए की गई है। कई बार आयातकों द्वारा भुगतान करने में आनाकानी की जाती है तो कई बार ग्राहक के डिफाल्टर होने से निर्यातकों का धन फंस जाता है। ऐसे में ईसीजीसी की बीमा कवरेज काफी फायदेमंद साबित होती है। इसका लाभ अधिक से निर्यातक उठा सकें इसके लिए केंद्र सरकार के वाणिज्य मंत्रालय ने चालू वित्तीय वर्ष में 500 करोड़ व इतनी ही राशि आगामी वर्ष देने की घोषणा की है।

50 फीसद निर्यातक उठा रहे हैं लाभ

भदोही-मीरजापुर कालीन परिक्षेत्र में निर्यातकों की संख्या 600 से अधिक है लेकिन ईसीजीसी की पालिसी का लाभ महज करीब 300 निर्यातक उठा रहे हैं। जो कि चिंता का विषय है। इसे लेकर ईसीजीसी के अधिकारी भी चिंतित हैं। उनका कहना है कि 50 लाख से अधिक टर्नओवर वाले समस्त कारोबारियों को इसका लाभ उठाना चाहिए।

ईसीजीसी का क्या काम है

ईसीजीसी कालीन के हर ग्राहक का विश्लेषण करता है। भुगतान के जोखिम की रक्षा करता है। ईसीजीसी के पास विदेशी खरीददारों के लेन-देन की पूरी जानकारी होती है। जिसके आधार पर वह निर्यातकों को माल भेजने या न भेजने की सलाह देता है। इसके अलावा जल्द से जल्द भुगतान कराने के लिए प्रयासरत रहता है। ईसीजीसी की पालिसी के माध्यम से निर्यातकाें को व्यवसाय के लिए बैंकों से ऋण प्राप्त करने में भी सुविधा होती है।

देश के आर्थिक व्यवस्था की रीढ़ लघु उद्योगों को बढावा देने व उद्यमियों को जोखिम से बचाने के लिए सरकार बेहद गंभीर है। इस दिशा में विभिन्न कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में वाणिज्य मंत्रालय ने ईसीजीसी के लिए बजट का प्राविधान किया है ताकि इसका लाभ उद्यमियों को मिल सके। भुगतान को लेकर जोखिम बना रहता है। इन हालात में ईसीजीसी की पालिसी निर्यातक हितों की रक्षा के लिए बेहद लाभकारी है।

-मुरलीधर महतो, वाराणसी शाखा प्रबंधक, (ईसीजीसी)

 

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