वाराणसी में पार्ट्स के अभाव में थम रहे बसों के पहिए, रोडवेज की घटने लगी आमदनी

बसों की कमी का सीधा असर विभाग की आमदनी पर पड़ रहा है। अब बड़ा सवाल यह है कि अनलॉक के चार महीने बाद भी विभाग इसका हल क्यों नहीं खोज पाया? बीते दो माह में रोडवेज की कमाई में कमी आई है।

Abhishek SharmaFri, 24 Sep 2021 10:37 AM (IST)
बसों की कमी का सीधा असर विभाग की आमदनी पर पड़ रहा है।

वाराणसी, जागरण संवाददाता। पार्ट्स के अभाव रोडवेज की गाडियां कारखानों में धूल फांक रही हैं। फिटनेस क्लीयरेंस मिलने तक 50 से ज्यादा गाड़ियों को ब्रेकडाउन कर दिया गया है। जिसमें कोरोना काल में सरेंडर हुई बसें भी शामिल है। बसों की कमी का सीधा असर विभाग की आमदनी पर पड़ रहा है। अब बड़ा सवाल यह है कि अनलॉक के चार महीने बाद भी विभाग इसका हल क्यों नहीं खोज पाया? बीते दो माह में रोडवेज की कमाई में कमी आई है।

अनलॉक में ज्यादातर ट्रेनों का संचालन निरस्त होने से रोडवेज पर यात्रियों का दबाव बढ़ गया था। इस कारण गत वर्ष अक्टूबर से लेकर 15 दिसंबर तक परिवहन निगम के वाराणसी परिक्षेत्र में प्रतिदिन 60 से 80 लाखों रुपए की आय हो रही थी। स्थिति यह हो गई कि जो बसें 5 से 10 मिनट में भर जाती थी। गत जुलाई 2021 में वाराणसी परिक्षेत्र को जहां दो लाख एक्कीस हजार का घाटा लगा, वहीं अगस्त 2021 में दस लाख 67 हजार का घाटा परिवहन निगम को झेलना पड़ा।

वाराणसी परिक्षेत्र में कुल 86 बसें सरेंडर : वाराणसी परिक्षेत्र के तहत आने वाले सात डिपो में कुल 86 बसों को यात्रियों व पार्ट्स के आभाव में आरटीओ में सेरेंडर कर दिया गया है। काशी डिपो में 13, कैंट में डिपो 16, चंदौली डिपो में 6, गाजीपुर डिपो में 14, जौनपुर डिपो में 17, सोनभद्र डिपो में 9, विंध्यनगर डिपो में 11 शामिल है।

आमदनी में डग्गामार वाहनों की सेंध : रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों की कमी में डग्गामारी भी अहम है। रोडवेज के आसपास लगी निजी बसों के दलाल उन्हें लेकर चले जाते हैं। इस पर न रोडवेज प्रशासन ही अंकुश लगा पा रहा है और न पुलिस ही। इससे निगम की लाखों रुपए राजस्व की हानि हो रही है।

बोले अधिकारी : यात्रियों की कमी व मुख्यालय से बसों के पार्ट्स ना मिलने के कारण बसों को सरेंडर किया गया है। लेकिन अब धीरे-धीरे बसों को रिलीज कराया जा रहा है। सितम्बर के अंत तक लगभग 25 बसों को रिलीज करा लिया जाएगा। -केके तिवारी, क्षेत्रीय प्रबंधक, वाराणसी परिक्षेत्र। 

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