वाराणसी में आशनाई के चलते बस परिचालक की हुई थी हत्‍या, हिस्ट्रीशीटर हत्यारा गिरफ्तार

बस परिचालक प्रकाशनाथ उर्फ सुग्गन मिश्रा की आशनाई के चक्कर में मफलर से गला कस कर हत्या करने के बाद शव को पुआल की ढेर में रख जलाने वाला हत्यारा सुनील उर्फ बृजेश पटेल शुक्रवार की रात खजुरी चट्टी (साधु कुटिया) के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।

Abhishek SharmaSat, 04 Dec 2021 03:31 PM (IST)
बृजेश पटेल शुक्रवार की रात खजुरी चट्टी (साधु कुटिया) के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।

वाराणसी, जागरण संवाददाता। गौर गांव निवासी बस परिचालक प्रकाशनाथ उर्फ सुग्गन मिश्रा की आशनाई के चक्कर में मफलर से गला कस कर हत्या करने के बाद शव को पुआल की ढेर में रख जलाने वाला हत्यारा सुनील उर्फ बृजेश पटेल शुक्रवार की रात खजुरी चट्टी (साधु कुटिया) के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। हत्यारा थाने का 46-ए हिस्ट्रीशीटर हैं।बस परिचालक को शराब पिलाने के बाद मफलर से गला कस हत्या कर शव को पुआल की ढेर में रख आग लगा दिया था।हत्यारे के पास से परिचालक का गायब मोबाइल व पहचान पत्र भी बरामद हुआ हैं।

मिर्जामुराद थानाध्यक्ष संजीत बहादुर सिंह ने बताया कि मिर्जामुराद क्षेत्र के ही गनेशपुर गांव निवासी हिस्ट्रीशीटर सुनील उर्फ बृजेश पटेल का कोसड़ा (चक्रपानपुर) गांव निवासी शादीशुदा युवती से प्रेम-प्रसंग का चक्कर चल रहा था। युवती के घर ही गौर गांव निवासी बस परिचालक प्रकाशनाथ उर्फ सुग्गन मिश्रा का भी आना जाना रहा।परिचालक का युवती से नजदीकी बढाना व मिलकर बातचीत करना हिस्ट्रीशीटर को नागवार लग रहा था।हिस्ट्रीशीटर ने परिचालक को युवती से बात करने हेतु मना भी किया। इस बीच बीते शनिवार की सांयकाल हिस्ट्रीशीटर ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बना मुर्गा व शराब खरीदने के बाद शराब ठेका के पीछे उसे सुरेंद्र उर्फ अभय मिश्रा के खेत में ले जाकर शराब की पार्टी मनाई। शराब के नशे में धुत परिचालक ने युवती पर टिप्पणी कर दी। हत्या की योजना बना खेत में परिचालक को ले गया हिस्ट्रीशीटर प्रेमिका के खिलाफ टिप्पणी सुनते ही प्रकाशनाथ उर्फ सुग्गन मिश्रा के गले में पड़े मफलर से उसकी गला कस कर हत्या कर दी।

हत्‍या के बाद साक्ष्य को छिपाने के लिए पुआल के रखे ढेर में शव को रखकर आग लगा दी थी। मोबाइल व जेब में रखा निर्वाचन पहचान पत्र लेकर भाग गया। घटना के बाबत ग्रामप्रधान धर्मेन्द्र कुमार की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ 302 व 201 का मुकदमा दर्ज किया गया था।

मिर्जामुराद के गौर गांव निवासी स्व.अम्बिका प्रसाद मिश्रा के चार पुत्रो में तीसरे नम्बर का अविवाहित पुत्र रहा प्रकाशनाथ उर्फ सुग्गन मिश्रा निजी बस पर करीब 25 वर्ष से परिचालक का काम करता रहा। वह अधिकांश समय घर के बाहर ही व्यतीत करने के साथ शराब पीने का भी आदी रहा। पिता की मौत के बाद विगत कुछ वर्षों से गांव में आकर रहने लगा था। 27 नवंबर की सांयकाल वह घर से निकला और फिर उसका मोबाइल भी स्विच आफ बताने लगा। इसी बीच रविवार को प्रातः बगल के कोसड़ा (चक्रपानपुर) गांव के खेत में रखे पुआल के ढेर में अज्ञात युवक का जला शव मिला। खेत में शराब की शीशी, चोखा, पत्तल, गिलास, पानी का पैकेट आदि मिला था।सोमवार को शिवपुर स्थित चीरघर पर परिचालक के भाई ओंकार नाथ मिश्रा व रविन्द्र उर्फ गुड्डू मिश्रा ने पहुंच शव की शिनाख्त की थी।

सर्विलांस की मदद से मिली सफलता : बस परिचालक के पास मौजूद रहे गायब मोबाइल की खोजबीन हेतु पुलिस ने सर्विलांस से मदद ली। काल डिटेल में पता लगा कि बस परिचालक, हिस्ट्रीशीटर व युवती के बीच आपस में मोबाइल पर काफी बात हुई हैं। मोबाइल का लोकेशन भी घटनास्थल पर मिला। हत्याकांड का सुराग लगते ही पुलिस टीम हिस्ट्रीशीटर के पीछे लग गई।पुलिस टीम में एसओ एसबी सिंह व एसआई अजीत प्रताप यादव समेत अन्य शामिल रहे।हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ मिर्जामुराद थाना में 13 आपराधिक मुकदमा दर्ज हैं।

हिस्ट्रीशीटर किसी न किसी को बचा रहा : परिचालक की हत्याकांड में हिस्ट्रीशीटर अपने को अकेले शामिल होने की बात स्वीकार कर जुर्म कबूल कर रहा हैं। ग्रामीणों के बीच यह चर्चा का विषय बना हैं कि इस तरह की जघन्य वारदात को अकेले अंजाम देना मुमकिन नही लगता। हत्याकांड में एक-दो साथी जरूर रहे होंगे।हिस्ट्रीशीटर अपने साथ रहे किसी न किसी साथी को जरूर बचा रहा हैं।

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