चंदौली में पकड़ाया खून का सौदागर, तीन पैकेट में अलग-अलग ग्रुप का 600 ग्राम रक्त बरामद

सदर कोतवाली पुलिस ने मंगलवार की रात मुख्यालय स्थित बबुरी मोड़ के समीप ब्लड तस्कर को तीन पैकेट ब्लड के साथ पकड़ा। बाइक पर पीछे बैठा दूसरा व्यक्ति रात में अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। तस्करों ने वाराणसी के लहुराबीर से ब्लड खरीदा था।

Saurabh ChakravartyWed, 28 Jul 2021 01:32 PM (IST)
चंदौली सदर कोतवाली में ब्लड तस्करी के बारे में जानकारी देते इंस्पेक्टर अशोक मिश्र।

चंदौली, जागरण संवाददाता। सदर कोतवाली पुलिस ने मंगलवार की रात मुख्यालय स्थित बबुरी मोड़ के समीप ब्लड तस्कर को तीन पैकेट ब्लड के साथ पकड़ा। बाइक पर पीछे बैठा दूसरा व्यक्ति रात में अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। तस्करों ने वाराणसी के लहुराबीर से ब्लड खरीदा था। इसे बिहार के मोहनियां व गाजीपुर के दिलदारनगर स्थित नर्सिंग होम में बेचना था। पुलिस तस्कर से पूछताछ के बाद छानबीन में जुटी है। जिले के निजी नर्सिंग होम संचालकों से भी उनके कनेक्शन की पड़ताल की जा रही है।

अपराधियों व वांछितों की गिरफ्तारी के लिए कोतवाली पुलिस मंगलवार की देर रात बबुरी मोड़ के पास चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक बाइक से दो लोग पहुंचे। अचानक पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया, हालांकि पुलिसकर्मियों ने घेरकर बाइक चला रहे युवक को पकड़ लिया। इस दौरान अंधेरे का फायदा उठाते हुए बाइक पर पीछे बैठा व्यक्ति फरार हो गया। गिरफ्तार आरोपित की पहचान हथियानी गांव निवासी पंकज तिवारी के रूप में हुई। तलाशी लेने पर उसके पास के तीन पैकेट में 600 ग्राम ब्लड मिला। एक पैकेट रक्त के पैकेट पर एक प्लस व दो पैकेट पर ओ प्लस ग्रुप लिखा है। पुलिस उसे पकड़कर थाने ले आई और कड़ाई से पूछताछ की। उसने बताया कि वाराणसी के लहुराबीर स्थित आईएमए के ब्लड बैंक में काम करने वाले आनंद सिंह से दो-दो हजार रुपये यूनिट के हिसाब से रक्त खरीदा था।

बिहार के मोहनियां स्थित लक्ष्मी नर्सिंग होम और गाजीपुर के दिलदारनगर में निजी अस्पताल में चार-चार हजार रुपये में बेचने के लिए सौदा किया था। बताया कि अस्पताल वाले मरीजों को एक यूनिट ब्लड चढ़ाने के लिए 10-10 हजार रुपये वसूलते हैं। कोतवाल अशोक मिश्रा ने बताया कि फरार आरोपित की पहचान हथियानी निवासी भोला के रूप में हुई है। मामले की छानबीन के साथ ही दूसरे आरोपित की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। जिले के निजी नर्सिंग होम से भी तस्करों के कनेक्शन के बारे में पता लगाया जा रहा है। पुलिस टीम में मनोज पांडेय, कांस्टेबल राहुल यादव, अनिल यादव शामिल रहे।

जुलाई 2020 में पकड़े गए थे दो तस्कर, निजी अस्पताल सील

जिले में रक्त की तस्करी का खेल पुराना है। जुलाई 2020 में सदर कोतवाली पुलिस ने मुख्यालय से दो तस्करों को पकड़ा था। इसमें भी वाराणसी के लहुराबीर स्थित आइएमए के ब्लड बैंक का कनेक्शन मिला था। तस्कर मुख्यालय स्थित निजी नर्सिंग होम में रक्त की सप्लाई करते थे। रक्त तस्करी में निजी नर्सिंग होम की संलिप्तता पर सील करवा दिया गया था। लगभग तीन माह तक अस्पताल में ताला लटका रहा।

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