NEET Solver Gang के सरगना बिहार निवासी नीलेश सिंह PK का चेहरा आया सामने, त्रिपुरा में हो रही तलाश

NEET Solver Gang नीट परीक्षा के बाद से ही पूरे गैंग की करतूत सामने आने के बाद पुलिस टीम की नजर मुख्‍य सरगना के तलाश पर टिकी थी। शनिवार को दो चेहरों के सामने आने के बाद पुलिस के सामने सरगना का भी चेहरा साफ हो गया।

Abhishek SharmaSun, 19 Sep 2021 09:21 AM (IST)
वाराणसी पुलिस ने नीट सॉल्‍वर गैंग के सरगना की शिनाख्‍त कर ही ली।

वाराणसी, इंटरनेट डेस्‍क। आखिरकार वाराणसी पुलिस ने नीट सॉल्‍वर गैंग के सरगना की शिनाख्‍त कर ही ली। परीक्षा के बाद से ही पूरे गैंग की करतूत सामने आने के बाद पुलिस टीम की नजर मुख्‍य सरगना के तलाश पर टिकी थी। शनिवार को दो चेहरों के सामने आने के बाद पुलिस के सामने सरगना का भी चेहरा साफ हो गया। पुलिस भी अब बिहार में पटना और छपरा से लेकर उसके छिपने वाले किसी भी संभावित स्‍थान तक तलाश की जा रही है। इस बाबत वाराणसी पुलिस की ओर से अब पीके का चेहरा उजागर कर उसे जल्‍द हिरासत में लेने की तैयारी की जा रही है। प्रारंभिक जांच में आरोपित के पिता के एकाउंट में पैसे मंगाने की जानकारी सामने आने के बाद अब पीके के परिजन भी पुलिस के राडार पर आ चुके हैं। 

हालांकि, पुलिस के हाथ अभी सरगना तक नहीं पहुंच सके हैं लेकिन पता और चेहरा होने के साथ ही उसकी लोकेशन भी पुलिस के हाथ लग गई है। अब त्रिपुरा पुलिस से संपर्क साधकर वाराणसी पुलिस जल्‍द ही सरगना को हिरासत में लेने और नीट परीक्षा में धोखाधड़ी के सारे राज उगलवाना है। इस बाबत वाराणसी पुलिस की ओर से NEET सॉल्वर गैंग के सरगना की सूरत जारी की गई है। पुलिस के अनुसार इसी शातिर ने कई ऐसे फर्जी डॉक्टर बनाए हैं जो इस काबिल कतई नहीं हैं और इस पवित्र पेशे को अब भी समाज के बीच रहकर बदनाम कर रहे हैं।

पुलिस के अनुसार नीलेश सिंह उर्फ पीके जैसा शातिर त्रिपुरा ही नहीं बल्कि आप के आस पास भी छिपा हो सकता है। पुलिस ने पीके के बारे में आम जनता से जानकारी करने के लिए मोबाइल नंबर 9454401645 जारी किया है। नीट सॉल्वर गैंग के मास्टर माइंड पीके के बारे में समस्त जानकारी जुटाने में वाराणसी पुलिस को अब पूरी तरह से सफलता मिल चुकी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पीके PK का असली नाम नीलेश सिंह है और यह छपरा बिहार का मूल निवासी है।

बिहार की राजधानी पटना में चार मंजिला आलीशान मकान में यह रहता है। पीके महंगी गाड़ियों का शौकीन है और मामला उजागरण होने के बाद से ही परिवार सहित फरार हो गया है। स्‍थानीय लोगों के अनुसार कॉलोनी वालों को पीके अपने आप को डॉक्टर बताता था। पुलिस के अनुसार कानून के राडार पर पहली बार पीके का नाम आया है। इसका अर्थ यह है कि अभी पीके के साथ जुड़े कई अन्‍य चेहरे भी देश भर के उजागर हो सकते हैं। पुलिस के अनुसार इस मामले में जल्द ही कई अन्‍य गिरफ्तारियां हो सकती हैं। इस बाबत त्रिपुरा पुलिस से भी वाराणसी पुलिस ने संपर्क साधा है। 

इसी मामले में सारनाथ में नीट परीक्षा से संबंधित दो अभियुक्त विकास कुमार और राजू कुमार पकड़ में शनिवार को आए थे। जिसमें विकास कुमार महतो पुत्र स्वर्गीय उपेंद्र महतो निवासी ग्राम व पोस्ट बेला सिमरी थाना खगड़िया बिहार उम्र करीब 32 वर्ष शिक्षा B.Sc. और दूसरा राजू कुमार पुत्र ललन प्रसाद निवासी ग्राम चंदवारा पोस्ट देना थाना काकू जनपद जहानाबाद बिहार उम्र 30 वर्ष शिक्षा बीएससी गिरफ्तार हो चुके हैं। जबकि इससे पहले बीएचयू की एक छात्रा और उसकी मां भी पुलिस के हत्‍थे चढ़ चुके हैं।

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