वाराणसी में बनेगा भूटान का बौद्ध मंदिर, प्रदेश सरकार के जरिए पर्यटन मंत्रालय को भेजी रिपोर्ट

बौद्ध मंदिर स्थापित करने के साथ सभी निर्माण भूटान सरकार खुद कराएगी। बौद्ध अनुयायियों को रहने के लिए परिसर में गेस्ट हाउस भी बनेगा। वहां बौद्ध मंदिर बनने के साथ देशी-विदेसी पर्यटकों से गुलजार रहने के साथ स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

Abhishek SharmaSun, 29 Aug 2021 01:40 PM (IST)
जिला प्रशासन ने पिंडरा तहसील के ग्रामसभा अजईपुर में दो एकड़ जमीन चिह्नित किया।

वाराणसी [जेपी पांडेय]। पिंडरा में भूटान का बौद्ध मंदिर बनाने का रास्ता साफ हो गया है। जिला प्रशासन ने पिंडरा में दो एकड़ जमीन चिह्नित करते हुए प्रदेश सरकार के जरिए पर्यटन मंत्रालय को रिपोर्ट भेज दी है। भारत सरकार को सिर्फ जमीन देना है, वहां बौद्ध मंदिर स्थापित करने के साथ सभी निर्माण भूटान सरकार खुद कराएगी। बौद्ध अनुयायियों को रहने के लिए परिसर में गेस्ट हाउस भी बनेगा। वहां बौद्ध मंदिर बनने के साथ देशी-विदेसी पर्यटकों से गुलजार रहने के साथ स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

सारनाथ भगवान बुद्ध की तपोस्थली है। बौद्ध तीर्थ स्थल के रूप में भी सारनाथ है। यहां कई देशों के बौद्ध मंदिर बने हैं। सारनाथ देशी-विदेसी पर्यटकों से हमेशा गुलजार रहता है। भूटान सरकार ने दो साल पहले भारत सरकार से सारनाथ में अपने देश का बौद्ध मंदिर बनाने की इच्छा जाहिर की थी। पर्यटन मंत्रालय ने प्रदेश के पर्यटन प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर जमीन उपलब्ध कराने को कहा था। जिलाधिकारी के निर्देश पर राजस्व कर्मियों ने सारनाथ में दो एकड़ सरकारी जमीन की तलाश की लेकिन नहीं मिला। ऐसे में जिला प्रशासन ने बाबतपुर एयरपोर्ट से नजदीक पिंडरा तहसील के ग्रामसभा अजईपुर में दो एकड़ जमीन चिह्नित करने के साथ पर्यटन मंत्रालय को रिपोर्ट भेजा है।

सारनाथ में इन देशों के बौद्ध मंदिर : श्रीलंका, चाइना, जापान, कंबोडिया, म्यामार, थाई, कोरिया, तिब्बत आदि देशों के बौद्ध मंदिर है।

विलंब होने पर पर्यटन मंत्रालय ने जताई नाराजगी : भूटान के बौद्ध मंदिर के लिए जमीन नहीं मिलने पर पर्यटन मंत्रालय ने नाराजगी जाहिर की थी। पर्यटन मंत्रालय ने प्रदेश के पर्यटन प्रमुख सचिव और पर्यटन निदेशक को पत्र लिखकर जिला प्रशासन से संपर्क कर तत्काल जमीन उपलब्ध कराने को कहा। पर्यटन अधिकारी ने पर्यटन मंत्रालय के आदेश का हवाला देते हुए जिलाधिकारी से संपर्क कर जमीन उपलब्ध कराने की बात कही।

पर्यटकों को नहीं होगी परेशानी : सारनाथ में जमीन नहीं मिलने पर प्रशासनिक और पर्यटन अधिकारियों ने बैठक कर निर्णय लिया कि एयरपोर्ट के नजदीक जमीन होने पर विदेशी पर्यटकों को आने-जाने में आसानी होगी। उन्होंने रिंग रोड और एयरपोर्ट के नजदीक जमीन की तलाश की और पिंडरा में जमीन फाइनल किया। बौद्ध अनुयायी रिंग रोड के रास्ते सीधा सारनाथ पहुंच जाएंगे।

ऐसे की जमीन की व्यवस्था : 26 अक्टूबर-2020 को प्रदेश के महानिदेशक पर्यटन ने जमीन के बारे में स्थानीय पर्यटन अधिकारी को पत्र लिखकर तत्काल जमीन उपलब्ध कराने को कहा था। पत्र को संज्ञान में लेते हुए भूमि प्रबंध समिति ग्रामसभा अजईपुर में 29 जून-2021 को बैठक की गई। जमीन कम होने पर गाटा नंबर 313 से सटे आराजी नंबर 311 से 0.227 हेक्टेयर चारागाह की जमीन का विनमय किया गया। दूसरे आराजी नंबर की जमीन चारागाह को दी गई जिससे एक साथ दो एकड़ जमीन पूरी हो सके। इसको लेकर 31 जुलाई को तहसीलदार पिंडरा ने अपनी रिपोर्ट दी थी।

बोले अधिकारी : पिंडरा में भूटान का बौद्ध मंदिर बनाने के लिए दो एकड़ जमीन चिह्नित करने के साथ महानिदेशक पर्यटक के जरिए पर्यटन मंत्रालय को रिपोर्ट भेज दी गई है। सरकार का दिशा-निर्देश मिलते ही जमीन पर कब्जा दे दिया जाएगा। -कौशल राज शर्मा, जिलाधिकारी।

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