बीएचयू और दीनदयाल अस्पताल ने ताख पर रखा नियम, मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए भटक रही जनता

कोरोना संक्रमण काल में मौत का ग्राफ अचानक बढ़ गया है।

नगर निगम के पांचों जोनल कार्यालयों में डेथ सर्टिफिकेट बनवाने के लिए आवेदन 100 से अधिक आ रहे हैं। भीड़ जुट रही है। सबसे अधिक भेलूपुर जोन में रोजाना से 70 से 80 आवेदन आ रहे हैं। चूंकि इसी इलाके में बीएचयू ट्रामा सेंटर व सभी बड़े अस्पताल हैं।

Abhishek SharmaSun, 09 May 2021 04:12 PM (IST)

वाराणसी, जेएनएन। कोरोना संक्रमण काल में मौत का ग्राफ अचानक बढ़ गया है। सरकारी आंकड़ों में कोरोना से औसतन 13 लोगों की मौत हो रही है, जबकि महाश्मशान घाट हरिश्चंद्र श्मशान घाट, सीएनजी शवदाह गृह, सामने घाट अस्थायीय श्मशान घाट, शहर के कब्रिस्तानों में हर दिन अधिक शव आ रहे हैं, जिसमें कोरोना से मौत की संख्या ज्यादा है। यही वजह है कि इन दिनों नगर निगम के पांचों जोनल कार्यालयों में डेथ सर्टिफिकेट बनवाने के लिए आवेदन 100 से अधिक आ रहे हैं। भीड़ जुट रही है। सबसे अधिक भेलूपुर जोन में रोजाना से 70 से 80 आवेदन आ रहे हैं। चूंकि इसी इलाके में बीएचयू, ट्रामा सेंटर व सभी बड़े अस्पताल हैं।

हालांकि भीड़ कम करने के लिए नगर निगम ने आनलाइन आवेदन के लिए सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम पोर्टल पर लोगों का आवेदन लम्बे समय से ले रहा है। इस पोर्टल पर 21 दिन के अंदर सर्टिफिकेट जारी होता है। इसके लिए अस्पतालों को ऑनलाइन आवेदन करना जरूरी कर दिया गया है लेकिन इस नियम को नगर के दो अस्पताल बीएचयू व पंडित दीनदयाल ने ताख पर रख दिया है। दोनों ही अस्पताल हाइटेक सुविधा से लैस भी हैं। कर्मचारियों की भी कमी नहीं है लेकिन नियमों का अनुपालन नहीं करने से जनता को मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए भटकना पड़ रहा है। नगर निगम के जोन कार्यालय में जाकर मैनुअल आवेदन करना ही रहा है। नगर निगम का भी काम बढ़ गया है तो जरूरतमंद को कागजात भी अधिक लगाने हो रहे हैं।अप्रैल में जारी हुए 1300 से अधिक डेथ सर्टिफिकेट  

नगर निगम के जन्म-मृत्यु पंजीकरण कार्यालय में रोजाना 100 से अधिक आवेदन आ रहे हैं। वरिष्ठ लिपिक राकेश सिंह के अनुसार कोरोना प्रोटोकाल का अनुपालन कराते हुए नगर निगम के सभी जोनल कार्यालयों व मुख्यालय पर आवेदन लिया जा रहा है। इसके अलावा पोर्टल पर भी आवेदन हो रहे हैं। सभी कर्मी रोजाना कार्यालय आ रहे हैं और तय समय सीमा में सर्टिफिकेट निर्गत हो रहे हैं। अप्रैल महीने में 1300 से अधिक सर्टिफिकेट जारी किए गए हैं।

नगर निगम में ऐसे करें मैनुअली आवेदन

जन्म व मृत्यु की तिथि से 21 दिन के भीतर अस्पताल द्वारा निर्गत पर्चा, घर होने पर स्थानीय पार्षद द्वारा प्रमाणिकता का आधार पत्र पर एक सप्ताह के भीतर बिना किसी शुल्क के प्रमाणपत्र बनाये जाते हैं।

जन्म व मृत्यु की तिथि से 21 दिन के बाद व एक माह के भीतर 

अस्पताल द्वारा निर्गत पर्चा, घर होने पर स्थानीय पार्षद द्वारा प्रमाणिकता का आधार पत्र 12 रुपये शुल्क के साथ निर्गत किए जाते हैं। 

जन्म व मृत्यु की तिथि से एक माह के बाद व एक वर्ष के भीतर

 नियमानुसार एक स्व प्रमाणित घोषणा पत्र एवं आवेदन पत्र रजिस्ट्रार या उप रजिस्ट्रार नगर निगम वाराणसी के नाम हो, जिसमें जन्म-मृत्यु से संबंधित ठोस साक्ष्य उपलब्ध हो। इसी आधार पर क्षेत्रीय सफाई निरीक्षक स्थलीय सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर प्रमाण पत्र निर्गत किए जाते हैं।

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