प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के आगमन से पहले लखनऊ से वाराणसी आई 14 इलेक्ट्रिक बसें, जल्द ही शहर में फर्राटा भरेंगी

प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की इलेक्ट्रिक बसें इसी महीने पीएम के आगमन से पहले ही बनारस की सड़को पर फर्राटा भरने लगेंगी।लखनऊ से चलकर सोमवार को पीएमआई की 14 और इलेक्ट्रिक बसे मिर्जामुराद स्थित चार्जिंग स्टेशन पर आ गई।

Saurabh ChakravartyMon, 06 Dec 2021 05:22 PM (IST)
चार्जिंग स्टेशन पर लखनऊ से पहुंची 14 इलेक्ट्रिक बस

वाराणसी, जारण संवाददाता। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की इलेक्ट्रिक बसें इसी महीने पीएम के आगमन से पहले ही बनारस की सड़को पर फर्राटा भरने लगेंगी।लखनऊ से चलकर सोमवार को पीएमआई की 14 और इलेक्ट्रिक बसे मिर्जामुराद स्थित चार्जिंग स्टेशन पर आ गई। इससे पहले 31अक्टूबर को हरियाणा से ट्रेलर (ट्रक) पर लदकर 11 बसे आयी थी, जिसे एक महाविद्यालय परिसर में खड़ा किया गया हैं।बसों को चलाने हेतु चालको को प्रशिक्षित कर जानकरियां दी जा रही हैं, जल्द ही बसें सड़को पर चलने लगेंगी।

बनारस में बढ़ते वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने व ईंधन (डीजल) की बचत हेतु इलेक्ट्रिक बसे चलाई जा रही हैं।मिर्जामुराद में 12 करोड़ 30 लाख रुपया से इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टेशन व वर्कशाप बन रहा हैं।इस कार्य को उत्तर-प्रदेश जल निगम के कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज व पीएमआई द्वारा कराया जा रहा हैं।चार्जिंग स्टेशन व वर्कशाप का निर्माण कार्य अंतिम दौर में चल रहा हैं।

वाराणसी रेलवे स्टेशन से 23 किमी दूर वाराणसी-प्रयागराज हाइवे मार्ग पर राजातालाब तहसील व आराजीलाइन ब्लाक अंतर्गत पड़ने वाले मिर्जामुराद के गौर गांव में ग्राम पंचायत द्वारा वर्ष 2019 में हाइवे किनारे इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग डिपो बनाने का प्रस्ताव पारित कर ग्राम पंचायत की 0.635 हेक्टेयर (करीब 53 बिस्वा) भूमि दी गई हैं।जिस भूमि का प्रस्ताव दिया गया उस पर मौजूदा समय में तालाब रहा।उक्त तालाब में करीब 25 वर्षो से गौर गांव के डेढ़ सौ घरों के सीवर का पानी आता रहा।बीते दिसंबर माह से उक्त तालाब से पानी निकाल जेसीबी मशीन से खोदाई कर उसमें मिट्टी भरने का काम शुरू कराया गया था।निर्माण कार्य शुरू होते ही जलनिकासी की व्यवस्था न बनने के साथ ही आस-पास के काश्तकारों द्वारा भूमि सीमांकन की मांग उठाएं जाने से बीच-बीच में काम भी रुकता रहा।सीवर के पानी की व्यवस्था हेतु चार्जिंग स्टेशन के पीछे ग्राम सभा की कुछ खाली पड़ी भूमि को छोड़ी गई हैं, जिसमे गढ्ढा खोद जलनिकासी का वैकल्पिक व्यवस्था बनाया गया हैं।

टीनशेड के दो फ्लोर का वर्कशाप बनकर तैयार हो गया हैं।वर्कशाप में कुल 18 कमरे बनाएं गए हैं।लालपुर विद्युत उपकेन्द्र से बिजली के खंभे व तार लगा सप्लाई चालू कर दी गई हैं।दो बड़े-बड़े विद्युत ट्रांसफार्मर लगने के साथ ही पानी हेतु पंप की बोरिंग की जा चुकी हैं।बसों को चार्ज करने हेतु इलेक्ट्रिक चार्जिंग प्वाईंट बनाएं जा रहे हैं।चार्जर समेत इलेक्ट्रिक उपकरण भी आ गए हैं।तीन चार्जिंग प्वाईंट पूर्ण हो चुके हैं।चार्जिंग प्वाईंट का काम करा रहे पीएमआई के जेई शुभम गुप्ता व हिमांशु मौर्या ने बताया कि पन्द्रह चार्जिंग प्वाईंट बनेंगे।एक प्वाईंट पर दो बसें चार्ज होंगी।बस में यात्रियों को बैठने हेतु 28 सीटें हैं।चालक की सीट अलग हैं।गियर नही हैं, स्लेटर से बस चलेगी।आपातकालीन स्थिति आते ही बस के अंदर लाल रंग की लाइट जल आवाज आने लगेगी।चालक के पास भी वायरलेस नुमा ध्वनि विस्तारक यंत्र लगा हैं।आग पर काबू पाने हेतु दो छोटे अग्निशमन सिलेंडर भी रखे हैं।बस के अंदर दो सीसी कैमरा भी लगा हैं।चालक भी आपातकालीन स्थिति में यात्रियों को सचेत कर सकता हैं।

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