बरेका में कार्यरत अधिकारी से निजी अस्‍पताल ने लिए लाखों रुपये, फ‍िर भी नहीं बच सकी जान

शकुंतला देवी 72 वर्ष की मौत होने पर हास्पिटल प्रबंधन के खिलाफ घोर लापरवाही व अधिक रुपये वसूलने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा व सीएमओ को पत्र लिखकर हॉस्पिटल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

Abhishek SharmaSun, 06 Jun 2021 01:06 PM (IST)
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा व सीएमओ को पत्र लिखकर हॉस्पिटल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

वाराणसी, जेएनएन। मंडुआडीह क्षेत्र के बरेका में कार्यरत कार्य प्रबंधक प्रदीप कुमार ने कोरोना से पॉपुलर हॉस्पिटल में अपनी माता शकुंतला देवी 72 वर्ष की मौत होने पर हास्पिटल प्रबंधन के खिलाफ घोर लापरवाही व अधिक रुपये वसूलने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा व सीएमओ को पत्र लिखकर हॉस्पिटल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

प्रदीप कुमार ने बताया कि 16 अप्रैल को मेरी माता शकुंतला देवी कोरोना से ग्रसित हो गयी और उनका आक्सीजन लेवल कम होने लगा जिस पर हम लोगों ने उन्हें पापुलर हास्पिटल बच्छाव में भर्ती कराया जहां पर मेरी माता  जी को एडमिट करने के लिए हास्पिटल द्वारा 35 हजार रुपये प्रतिदिन मांगा गया और दवा का खर्च अलग से लिया जा रहा था। प्रदीप कुमार का आरोप रहा कि हॉस्पिटल में कुशल डॉक्टर नहीं थे जिसके कारण मेरी माता जी की तबियत बिगड़ने लगी तो वहां मौजूद डॉक्टरों ने कहा क‍ि अभी यह हॉस्पिटल नया बना है और मेरी माता शकुन्तला देवी को पापुलर हास्पिटल ककरमत्ता में 20 अप्रैल को शिफ्ट कर दिया गया और ककरमत्ता के डॉक्टरों द्वारा रेमेडिसेवीर इंजेक्शन लिख दिया गया।  मुझे लाने को बोला गया, उक्त इंजेक्शन ना मिलने पर मैं डॉक्टर की पर्ची लेकर सीएमओ ऑफिस गया तो वहां बोला गया कि इस हॉस्पिटल को रेमेडिसेवीर इंजेक्शन दिया गया है। वापस मेरे द्वारा हॉस्पिटल के लोगों से यह बात कहने पर उन लोगों ने इंजेक्शन के नाम पर मुझसे चार हजार रुपये लिए गए जबकि उक्त इंजेक्शन का दाम इतना नही है।

यहां पर भी माता जी के इलाज में लापरवाही बरती जा रही थी और हॉस्पिटल प्रबंधन द्वारा मुझसे रुपये लिए जा रहे थे अचानक 22 अप्रैल को पॉपुलर हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने कहा कि माता जी की हालत काफी खराब है। अब वह बच नही पाएंगी और उंसी दिन शाम को तीन बजकर 15 मिनट पर शकुंतला देवी को डिस्चार्ज कर दिया गया। जहां से उन्हें बरेका सेंट्रल हॉस्पिटल लाते वक़्त उनकी  मृत्य हो गयी। प्रदीप कुमार का आरोप है कि हॉस्पिटल प्रबंधन द्वारा इलाज व दवा के नाम पर मुझसे दो लाख 49 हजार रुपये हॉस्पिटल चार्ज व लगभग एक लाख रुपये दवा के लिए गए। कार्य प्रबंधक बरेका प्रदीप कुमार ने जिलाधिकारी व अन्य अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाते हुए हॉस्पिटल प्रबंधन पर उचित कार्रवाई करने और अधिक रुपये और मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाते हुए उचित कार्रवाई की मांग की है।

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