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दीपों का हार और पटाखों का हो रहा बहिष्कार, पर्यावरण बचाने के लिए छात्रों ने लिया पटाखों के बहिष्कार का संकल्प

वाराणसी, जेएनएन। दीपावली दीपों का त्योहार है। इस त्योहार पर विद्यार्थियों ने दीपों के उत्सव के रूप में मनाने व पटाखों का बहिष्कार करने का भी संकल्प लिया है। सत्‍या फाउंडेशन और दैनिक जागरण की ओर से इको फ्रेंडली दीपावली मनाने के चार दिवसीय अभियान के क्रम में वाराणसी के विभिन्‍न स्‍कूलों में छात्रों को पर्यावरण बचाने के लिए प्रेरित करते हुए संकल्‍प भी दिलाया गया। इसी क्रम में बुधवार की दोपहर वाराणसी पब्लिक स्कूल में सत्या फाउंडेशन द्वारा बच्चों को पटाखों से हो रहे प्रदूषण के प्रति जागरूक किया गया। वहीं इस दौरान पटाखों का बहिष्कार कर, दीया जलाकर दीपावली मनाए जाने के लिए स्‍कूली बच्‍चों को प्रेरित किया गया।

जबकि पटाखा से होने वाले नुकसान से विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए समाजिक संस्था सत्या फाउंडेशन ने मंगलवार को राजकीय क्वींस कालेज में एक कार्यक्रम का आयोजन किया था। इस मौके पर फाउंडेशन के संस्थापक सचिव चेतन उपाध्याय ने कहा कि दीपावली खुशियां मनाने व बांटने का त्योहार है। ऐसे में हमें पटाखा जला कर दूसरों की खुशियां छीनने का काम नहीं करना चाहिए। हमारे एक दिन के इस शौक से हजारों मरीजों के लिए भारी पड़ सकती है। ऐसे में हमें दीपावली पर पटाखा से दूरी बनाने की जरूरत है। स्‍कूली बच्‍चों को जागरुक करने से अभिभावकों को भी इससे प्रेरणा मिलेगी अौर घरों में पारंपरिक दीवाली मनाने का प्रयास होगा तो पर्यावरण भी सुरक्षित होगा और ध्‍वनि प्रदूषण पर भी नियंत्रण होगा। 

इस मौके पर हृदय रोग विशेषज्ञ डा. अजय कुमार ने बताया कि पटाखा से हृदय रोगियों, नवजात शिशुओं, गर्भवती महिलाओं व वरिष्ठ नागरिकों व पशु-पक्षियों को परेशानी होती है। इस दौरान प्रधानाचार्य डा. रमानंद दीक्षित ने छात्रों ने पटाखा का बहिष्कार करने की शपथ दिलाई। समारोह में मुख्य रूप से उप प्रधानाचार्य डा. राजेश कुमार सिंह यादव, विनोद राय, राजेश उपाध्याय, विवेकानंद, श्रीराम यादव सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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