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तीर्थ पुरोहित हत्याकांड में जमानत अर्जी खारिज, गत वर्ष सितंबर में पति-पत्नी की हुई थी हत्या

वाराणसी, जेएनएन। चेतगंज थाना क्षेत्र के कालीमहाल मोहल्ला में तीर्थ पुरोहित केके उपाध्याय तथा उसकी पत्नी ममता की हत्या के मामले में बुधवार को अपर जिला जज (प्रथम) एनबी यादव की अदालत ने आरोपिता पूजा मिश्रा की जमानत याचिका खारिज कर दी। आरोपिता की जमानत का विरोध एडीजीसी तथा वादी पक्ष के अधिवक्ताद्वय राधेश्याम चौबे व विवेक शंकर तिवारी ने की।

बीते वर्ष 21 सितंबर 2019  को पिशाचमोचन कुंड के तीर्थ पुरोहित केके उपाध्याय व उनकी पत्नी ममता की संपत्ति के विवाद में गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। घटना के समय केके उपाध्याय अपने घर के बाहर खड़े थे। पत्नी घर में बर्तन धो रही थी। मृतक के पुत्र ने अपने चाचा राजेंद्र उपाध्याय, उनकी पत्नी पूजा मिश्रा वह पुत्र रजत उपाध्याय समेत अन्य के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराया था। पुलिस के बढ़ते दबाव को देखते हुए उपरोक्त तीनों आरोपितों ने चार अक्टूबर को सीजेएम कोर्ट में समर्पण कर दिया। बाद में अदालत के आदेश पर पुलिस अभिरक्षा में भेजे गए इन आरोपितों में पूजा मिश्रा की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त कारतूस बरामद हुआ था। जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा दलील दी कि केके उपाध्याय तथा ममता उपाध्याय को गोली मारने के लिए पूजा मिश्रा ने हमलावरों को ललकारा था। विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया था कि घटना के बाद मौके से भागते हुए पूजा को लोगों ने देखा था। वहीं बचाव पक्ष की ओर से आरोपिता को निर्दोष बताते हुए दलील दी गई कि पारिवारिक विवाद में रंजीशन उसे फर्जी ढ़ंग से आरोपित कर दिया गया।

दोनों पक्षों की बहस सुनने तथा पत्रावलियों के अवलोकन के पश्चात अदालत ने मामले की गंभीरता तथा संपूर्ण तथ्यों व परिस्थितियों को देखते हुए आरोपित को जमानत देने से इंकार कर दिया।

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