वाराणसी में बाबतपुर अंतरराष्‍ट्रीय एयरपोर्ट की 60 एकड़ जमीन को प्राइवेट कंपनियों को पट्टे पर देने की तैयारी

वाराणसी, जेएनएन। बाबतपुर में एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया देश के आठ एयरपोर्ट पर खाली पड़ी जमीन को पट्टे पर देने की तैयारी शुरू कर दी है। वाराणसी एयरपोर्ट की 60 एकड़ खाली पड़ी जमीन को भी एएआइ पट्टे पर दे सकती है। उससे हुई आय से छोटे एयरपोर्ट पर विकास कार्य किए जाएंगे। एएआइ मुख्यालय पिछले वर्ष वाराणसी, भुवनेश्वर, कोलकाता, अमृतसर, जयपुर, लखनऊ, तिरुपति, रायपुर आदि हवाई अड्डों से खाली पड़ी जमीन की पूर्व में ही रिपोर्ट मांगी थी। जिसमें हवाई अड्डों पर 759 एकड़ जमीन खाली पड़ी होने की जानकारी मिली थी। अब इस जमीन को प्राईवेट कंपनियों को पट्टे पर दिया जायेगा।

राजस्व विभाग के अभिलेखों मुताबिक वर्ष 1942 में वाराणसी में एयरपोर्ट बनाने के लिये 50 रुपये प्रति एकड़ के दर से 900 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गयी थी। जिसमें 760 एकड़ भूमि पर रन-वे, पुराना टर्मिनल भवन और नया टर्मिनल भवन, रडार, वाच टावर, आवासीय कालोनी, सीआईएसएफ कैम्प सहित एयरपोर्ट के अन्य विभाग का निर्माण कराया गया। उसके बाद एयरपोर्ट की 140 एकड़ भूमि कई टुकड़ों में बच गयी। जिसे  किसानों और बिल्डरों द्वारा धीरे-धीरे कब्जा कर लिया। पिछले साल एएआई द्वारा खाली पड़ी भूमि की सूची मांगी गयी तो पिंडरा तहसील के राजस्वकर्मी जांच पड़ताल प्रारंभ किये तो जमीन के बारे में जानकारी हो पायी। 60 एकड़ अभी पूरी तरह खाली है, जिसमें कुछ जगह किसानों का कब्जा है।

एयरपोर्ट के आसपास इससे जहां प्राइवेट कंपनियों को अपने उत्‍पादों को बाहर भेजने के लिए प्‍लेटफार्म मिल सकेगा वहीं एयरपोर्ट अथॉरिटी को आर्थिक लाभ भी हो सकेगा। इससे आसपास सुरक्षा के अलावा विकास की भी संभावनाएं बढेंगी। लिहाजा प्रशासन इस जमीन को प्राइवेट हाथों में देकर नई संभावनाएं तलाश सकती है। 

किस एयरपोर्ट पर कितनी जमीन 

वाराणसी में 60 एकड़

भुवनेश्वर में 45 एकड़

कोलकाता में 145 एकड़

अमृतसर में 45 एकड़

जयपुर में 35 एकड़

लखनऊ में 217 एकड़

तिरुपति में 117 एकड़

रायपुर में 80 एकड़

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