Varanasi में सोना लूट मामले का एक आरोपित बिहार से गिरफ्तार, प्रतिष्ठान का संचालक फरार

कोतवाली पुलिस ने गुरुवार को बिहार के किशनगंज मेें छापेमारी कर 12 सितंबर को सराफा व्यवसायी के कारीगर से 300 सौ ग्राम सोना लूटकर भागे मो. इरफान को गिरफ्तार किया। इस संबंध में सराफा कारीगर के पिता ने कोतवाली थाने में लूट का मामला दर्ज कराया था।

Saurabh ChakravartyFri, 24 Sep 2021 08:50 AM (IST)
सराफा व्यवसायी के कारीगर से 300 सौ ग्राम सोना लूटकर भागे मो. इरफान को गिरफ्तार किया।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। कोतवाली पुलिस ने गुरुवार को बिहार के किशनगंज मेें छापेमारी कर 12 सितंबर को सराफा व्यवसायी के कारीगर से 300 सौ ग्राम सोना लूटकर भागे मो. इरफान को गिरफ्तार किया। इस संबंध में सराफा कारीगर के पिता ने कोतवाली थाने में लूट का मामला दर्ज कराया था। गिरफ्तार आरोपित की निशानदेही पर पुलिस टीम ने सोनारपट्टी स्थित राज अलंकार ज्वेलर्स के संचालक से भी पूछताछ की। इस बीच वहां लोगों की भारी भीड़ लग गई। उसका फायदा उठाकर प्रतिष्ठान संचालक फरार हो गया। पुलिस ने प्रतिष्ठान में लगे सीसीटीवी कैमरे का हार्ड डिस्क जब्त कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज से मो. इरफान की शिनाख्त होने व उसके घर की जानकारी हासिल करने के बाद एसआइ सौरभ पांडे के नेतृत्व में पुलिस टीम एक सप्ताह पूर्व ही बिहार गई थी। टीम में शामिल पुलिसकर्मी स्थानीय पुलिस को बिना बताए मो. इरफान की गतिविधियों पर नजर रख रहे थी। इसी बीच बुधवार की शाम किशनगंज के चुड़ीपट्टी कुतुबगंज स्थित मकान पर छापेमारी कर टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया, लेकिन उसके बाद ज्वेलर्स के प्रतिष्ठान पर लोगों की भीड़ लगने की सूचना पर स्थानीय पुलिस वहां पहुंची और बनारस पुलिस का सहयोग किया। बाद में पुलिस गिरफ्तार आरोपित को लेकर टाउन थाना पहुंची। वहां उससे पूछताछ की जा रही है।

बता दें कि आदमपुर निवासी सलमान रिश्ते में बहनोई लगने वाले कोदई चौकी निवासी कलीम की सराफा की दुकान पर कारीगर था। वह घटना वाले दिन तीन सौ ग्राम सोना लेकर साफ कराने जा रहा था कि तभी बुलानाला क्षेत्र में झांसा देकर सोना लूट लिया गया था। घटना के बाद कारीगर ने सोना कारोबारी को इसकी जानकारी दी। लेकिन कारोबारी ने कर्मी पर सोना गायब करने का आरोप लगाते हुए उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। उससे उसकी मौत हो गई। इस मामले में वाराणसी के चौक थाने में कारोबारी के विरुद्ध हत्या का केस दर्ज कर कलीम समेत चार आरोपितों को जेल भेज दिया गया है। इस प्रकरण पर पूछे जाने पर टीम के नेतृत्वकर्ता सौरभ पांडे ने जांच पूरी होने तक कुछ भी बताने से इन्कार कर दिया। वहीं एसडीपीओ अनवर जावेद अंसारी ने बताया कि बनारस की पुलिस द्वारा किशनगंज पुलिस को कार्रवाई की जानकारी नहीं दी गई थी। इसके बावजूद किशनगंज पुलिस जांच में उसे हरसंभव मदद कर रही है।

 

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