वाराणसी में पंडित राजन मिश्रा कोविड अस्पताल में सबसे पहले भर्ती हुए गाजीपुर के अमरनाथ

वाराणसी मंडलीय हास्पिटल से रेफर होकर दोपहर 2.35 बजे गाजीपुर के 65 वर्षीय मरीज अमरनाथ पहुंचे। वे यहां भर्ती होने वाले पहले मरीज थे। इसके बाद रात आठ बजे तक मंडलीय हास्पिटल व जिला अस्पताल से कुल 11 मरीज आए जिन्हें आइसीयू में भर्ती किया गया।

By Saurabh ChakravartyEdited By: Publish:Tue, 11 May 2021 06:20 AM (IST) Updated:Tue, 11 May 2021 06:20 AM (IST)
वाराणसी में पंडित राजन मिश्रा कोविड अस्पताल में सबसे पहले भर्ती हुए गाजीपुर के अमरनाथ
अस्थाई हॉस्पिटल में भर्ती होने वाले पहले मरीज गाजीपुर के अमरनाथ (व्हील चेयर पर)

वाराणसी,जेएनएन। बीएचयू के एम्फीथिएटर ग्राउंड में डीआरडीओ (डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गनाइजेशन), जिला प्रशासन व सेना के सहयोग से 16 दिन में तैयार पद्मविभूषण पंडित राजन मिश्र कोविड हॉस्पिटल का संचालन सोमवार की शाम को शुरू हो गया। मंडलीय हास्पिटल से रेफर होकर दोपहर 2.35 बजे गाजीपुर के 65 वर्षीय मरीज अमरनाथ पहुंचे। वे यहां भर्ती होने वाले पहले मरीज थे। इसके बाद रात आठ बजे तक मंडलीय हास्पिटल व जिला अस्पताल से कुल 11 मरीज आए, जिन्हें आइसीयू में भर्ती किया गया।

फिलहाल भर्ती प्रक्रिया आइसीयू के 250 बेड पर शुरू है। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा के मुताबिक सेना ने सबसे पहले आइसीयू वार्ड को शुरू किया है, क्योंकि इन्हीं बेडों की जिले में किल्लत है। अगले दो से तीन दिन में 250-250 बेड के शेष दो आक्सीजन युक्त वार्ड भी शुरू कर दिए जाएंगे। इन वार्डों में आक्सीजन की जरूरत वाले कोविड मरीजों को भर्ती किया जाएगा।

अस्पतालों को उपलब्ध कराया गया रेफरल फार्मेट 

प्रशासनिक नोडल एवं वीडीए उपाध्यक्ष ईशा दुहन ने बताया कि सभी सरकारी व निजी कोविड अस्पतालों को रेफरल का फार्मेट उपलब्ध करा दिया गया है। निजी व सरकारी कोविड हास्पिटल अपने यहां के गंभीर मरीजों को इसी फार्मेट के माध्यम से यहां के लिए रेफर कर सकते हैं। 250 बेड के आईसीयू वार्ड में सेना के डॉक्टर्स हैं। वहीं 500 आक्सीजनयुक्त वार्ड के लिए बीएचयू के ही नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ को लगाया गया है। अस्पताल के पूरी क्षमता के साथ शुरू होने पर 50-50 फीसद मेडिकल स्टाफ बीएचयू और सेना के तैनात किए जाएंगे।

परिजनों के लिये भी की गयी है व्यवस्था

पद्मविभूषण पंडित राजन मिश्रा कोविड हॉस्पिटल में मरीज के तीमारदारों के लिए शेड लगवाया गया है। अंदर डॉक्टर्स के पास पांच मोबाइल सीयूजी नंबर के साथ दिए गए हैं। डॉक्टर्स सुबह-शाम एक-एक घंटे सीयूजी नंबर के माध्यम से मरीज और उनके परिजनों से बात करवाएंगे। इसके अलावा जब-जब यहां डॉक्टर्स की ब्रीफिंग होगी, मरीज के तीमारदार भी यहां पर होंगे। इसके अलावा सेवा भारती के सहयोग से रहने की व्यवस्था भी की गयी है। यहां भोजन की भी निश्शुल्क व्यवस्था है।

तीसरी लहर की तैयारी शुरू 

-डीएम ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देश के क्रम में हमने तीसरी लहर की तैयारी शुरू कर दी है। सभी व्यवस्थाएं शहरी क्षेत्र में लगभग पूर्ण हो चुकी हैं। अब ग्रामीण अंचलों में आक्सीजन की दिक्कत दूर करने के लिए सीएचसी में आक्सीजन प्लांट के लिए कार्य करना होगा। इसके अलावा बच्चों के बेड की व्यवस्था की जा रही है।

डीएम ने उपलब्ध कराया सर्जिकल मास्क और रेमडेसिविर 

पंडित राजन मिश्रा कोविड हास्पिटल शुरू तो हो गया, लेकिन सर्जिकल मास्क सहित कुछ अन्य संसाधन दिल्ली से यहां नहीं पहुंच सके थे। इस पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से 4000 ट्रिपल लेयर सर्जिकल मास्क, 1000 एन-95 मास्क, 1250 फेस शील्ड व 72 रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध कराया। इसके अलावा डीएम ने सिप्ला कंपनी की ओर से भी 94 रेमडेसिविर इंजेक्शन हास्पिटल की फार्मेसी को उपलब्ध कराया। यह इंजेक्शन कोविड मरीजों को निश्शुल्क लगाई जाएगी।

हेल्प डेस्क का किया शुभारंभ

कोविड हास्पिटल के बाहर ही हेल्प डेस्क बनाया गया है। इस पर तैनात डाक्टर भर्ती के लिए आए मरीज की आरंभिक स्वास्थ्य जांच करेंगे।यहां संपर्क में रहने वाले परिवारीजनों को भी दवा दी जाएगी। अस्पताल शुरू होने के साथ हेल्प डेस्क से दवा का वितरण भी किया जाने लगा। इस अवसर पर लेफ्टिनेंट कर्नल नितिन मिश्रा (प्रबंधक) डीआरडीओ, मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल, वीडीए उपाध्यक्ष ईशा दुहन, सीएमओ डा. वीबी सिंह, एसीएमओ डा. संजय राय आदि थे।

chat bot
आपका साथी