हाथ में डसने पर मासूम ने चूहा समझ कर पकड़ा लिया सांप, वाराणसी में हुई घटना में बच्‍ची की गई जान

रात के अंधेरे में जहरीले सर्प के काटने पर मासूम ने न केवल उसे चूहा समझ लिया बल्कि उसे पकड़कर मां को दिखाने लगी। टार्च जलाकर जब तक मां देख पाती तब तक सर्प मासूम के हाथ पर सात वार कर चुका था।

Saurabh ChakravartyThu, 16 Sep 2021 07:22 PM (IST)
वाजिदपुर गांव निवासी रोहित राम की बेटी शीतल (10 वर्ष)

जागरण संवाददाता, वाराणसी। रात के अंधेरे में जहरीले सर्प के काटने पर मासूम ने न केवल उसे चूहा समझ लिया, बल्कि उसे पकड़कर मां को दिखाने लगी। टार्च जलाकर जब तक मां देख पाती, तब तक सर्प मासूम के हाथ पर सात वार कर चुका था। डाक्टर को दिखाने की बजाय घरवाले झाड़-फूंक के चक्कर में पड़ गए। इसके चलते मासूम को सही समय पर इलाज नहीं मिल पाया और उसकी मौत हो गई।

घटना बड़ागांव थाना क्षेत्र के वाजिदपुर गांव की है। जानकारी अनुसार वाजिदपुर गांव निवासी रोहित राम की बेटी शीतल (10 वर्ष) बुधवार की रात अपनी मां रीता देवी के साथ एक ही चारपाई पर सोई थी। बिजली आपूर्ति न होने के चलते घर में अंधेरा थ। रात में करीब एक बजे शीतल को सांप ने डस लिया। इस पर शीतल ने उसे पकड़ लिया और मां से बोली कि मेरे हाथ में चूहे ने काट लिया है और मैंने उसे पकड़ रखा है। मां ने मोबाइल का टार्च जलाया तो सांप को देखकर उनके होश उड़ गए। तब तक सांप शीतल के हाथ पर एक के बाद एक सात वार कर चुका था। मां के चिल्लाने पर परिवार के अन्य लोग भी वहां पहुंचे और मासूम को लेकर झाड़-फूंक कराने चल दिए।

झाड़-फूक के बाद शीतल को वापस ले आए घर, बेहोश होने के बाद ले गए अस्‍पताल

झाड़-फूक के बाद शीतल की हालत में कुछ सुधार हुआ तो रात करीब ढाई बजे उसे लेकर वापस घर आए। मां रीता देवी के मुताबिक भोर में तीन बजे फिर उसकी हालत बिगड़ने लगी। इसके बाद वह अपने हाथ पर उंगली से ही कुछ लिखकर हाथ जोड़ कर रोने लगी। वे कुछ समझ पाती तब तक शीतल बेहोश हो गई। इस बार परिवार के लोग उसे लेकर नजदीकी निजी हास्पिटल पहुंचे। वहां से कबीरचौरा रेफर कर दिया गया। मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा पहुंचने पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका का पिता रोहित कोलकाता में रहकर मोटर मैकेनिक का काम करता है। बच्ची दो भाइयों में सबसे छोटी थी और हरहुआ प्राथमिक विद्यालय-द्वितीय में कक्षा तीन की छात्रा थी। उसके मौत की सूचना पर विद्यालय के अध्यापक भी उसके घर पहुंचे और परिवार को सांत्वना दिए। अध्यापकों के मुताबिक शीतल बहुत होनहार छात्रा थीं।

 

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