आजीविका मिशन : रैंकिंग में दूसरे स्थान पर बनारस, शीर्ष दस की सूची में मंडल के अन्य जिले को स्थान नहीं

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की प्रदेश स्तर पर जारी रैंकिंग में वाराणसी इस बार भी दूसरे स्थान पर काबिज रहा।
Publish Date:Thu, 24 Sep 2020 09:46 PM (IST) Author: Saurabh Chakravarty

वाराणसी, जेएनएन। पंडित दीनदयाल अंत्योदय राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की प्रदेश स्तर पर अगस्त माह की जारी रैंकिंग में जनपद इस बार भी दूसरे स्थान पर काबिज रहा। बिजनौर पहले स्थान पर है। शीर्ष दस की सूची में मंडल का कोई जिला स्थान नहीं बना सका है। इस योजना में जिले की रैंकिंग 24 इंडिकेटर पर की जाती है। मुख्य रूप से समूह गठन, समूहों के खाते खोलवाना, समूह बैठक, स्टार्टअप फंड, क्षमता वर्धन, ग्राम संगठन गठन, आरएफ, सीआइएफ उपलब्ध कराना, बैंकों से लिकेज एवं ऋण वितरण कराना, कैडर भुगतान एवं कन्वर्जेंस आदि मुख्य है। आजीविका मिशन द्वारा नीति आयोग के अंतर्गत चयनित विकास खंड सेवापुरी में पिछले माह शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण कर लिया गया था। इसी कारण समूहों के गठन समेत अन्य कार्यों में जनपद अव्वल रहा, लेकिन कुछ कार्यों में कम अंक पाने के कारण जनपद शीर्ष पर काबिज नहीं हो सका। मिशन अंतर्गत वर्तमान में तीन जिला मिशन प्रबंधक एवं 25 ब्लॉक मिशन प्रबंधक कार्यरत हैं। मुख्य विकास अधिकारी की अगुवाई में इस मिशन को लेकर बराबर अनुश्रवण किया जा रहा था।

महिलाओं को मजबूत बनाना मिशन का लक्ष्य

29 मार्च, 2016 से  एनआरएलएम का नाम बदल कर दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन कर दिया गया। इस मिशन के तहत सरकार का मुख्य उद्देश्य गरीब, विशेष रूप से महिलाओं के लिए मजबूत संस्थानों के निर्माण एवं वित्तीय व आजीविका सेवाओं से जोडऩे का प्रमुख कार्यक्रम है।

शीर्ष दस में शामिल जिले

शीर्ष दस में बिजनौर, वाराणसी, बांदा, शामली, कन्नौज, मुरादाबाद, इटावा, बुलंदशहर, हापुड़ व प्रयागराज शामिल हैं।

मंडल के अन्य जिलों की स्थिति

रैंकिंग में चंदौली 22वें, गाजीपुर 70वें व जौनपुर 73वें स्थान पर हैं।

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