वाराणसी में ट्रेवल आफिस के विवाद में पूर्व छात्र नेता को मारी थी गोली, पांच ने रची थी साजिश

ट्रेवल आफिस के विवाद में काशी विद्यापीठ छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष राहुल राज को गोली मारकर घायल किया गया था। कैंट पुलिस ने गत 13 जुलाई की रात घौसाबाद में हुई इस वारदात का राजफाश किया। पांच आरोपितों ने वारदात की साजिश रची थी।

Saurabh ChakravartyThu, 22 Jul 2021 08:56 PM (IST)
कैंट पुलिस ने गत 13 जुलाई की रात घौसाबाद में हुई इस वारदात का राजफाश किया।

वाराणसी, जागरण संवाददाता। ट्रेवल आफिस के विवाद में काशी विद्यापीठ छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष राहुल राज को गोली मारकर घायल किया गया था। कैंट पुलिस ने गत 13 जुलाई की रात घौसाबाद में हुई इस वारदात का राजफाश किया। पांच आरोपितों ने वारदात की साजिश रची थी। इस संबंध में गुरुवार को मलदहिया पानी टंकी निवासी मुख्य आरोपित आजाद सोनकर, ढेलवरिया, चौकाघाट निवासी शनि कन्नौजिया व लच्छीपुरा, नदेसर निवासी विमलेश कुमार उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त आटो रिक्शा बरामद किया गया। पुलिस इस मामले में फरार दो अन्य आरोपितों मयंक गुप्ता व संदीप सोनकर की तलाश में दबिश दे रही है।

एसीपी कैंट अभिमन्यु मांगलिक ने कैंट थाने में मीडिया के समक्ष आरोपितों को पेश किया। पूछताछ में मुख्य आरोपित आजाद ने पुलिस को बताया कि वह रोडवेज से चौकाघाट तक नंबर टेकरी का काम करता था। उसने एक आफिस श्रीराम कांप्लेक्स रोडवेज के पास किराए पर लिया था। उसे पूर्व छात्र नेता राहुल राज ने जबरदस्ती कब्जा कर लिया था। इतना ही नहीं राहुल ने उस पर सिगरा थाने में रंगदारी व जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज करा दिया था। उसके हर कार्यों में वह दखलंदाजी देता था।

20 फीसद कमीशन पर सवारी पहुंचाते थे

पूछताछ में आरोपित ने बताया कि रोडवेज पर कई बस संचालकों 20 प्रतिशत कमीशन पर सवारियों को बसों में टिकट के माध्यम से पहुंचाया जाता था। इससे बहुत पैसा मिलता था। कुछ माह पूर्व से राहुल राज भी यही काम करने लगा। साथ उसे परेशान करने लगा। करीब 15 दिन पहले चौकाघाट लकड़ी मंडी हनुमान मंदिर के बगल में आरोपित मयंक की सहायता से नंदी ट्रेवल्स के नाम से आफिस खोला। वहां भी राहुल राज व उसके साथी परेशान करने लगे। इससे आजिज आकर उसने राहुल राज का काम लगाने की साजिश रची। इसी साजिश के तहत आरोपितों ने मीटिंग की। इसमें तय किया गया कि राहुल राज के चेंबर के सामने रहने वाला विमलेश उर्फ सोनू सूचना देगा कि वह चैंबर से कब निकलता है। घटना वाले दिन साजिश के तहत सोनू ने चैंबर से निकलते ही फोन से इसकी सूचना अपने साथियों को दे दी थी। इसके बाद मयंक, आजाद व संदीप आटो खड़ा कर उसका इंतजार करने लगे। इस बीच स्कूटी से राहुल राज जैसे ही आफिस से घर के लिए निकला आरोपित उसके पीछे लग गए। मयंक आटो चला रहा था। इस दौरान स्कूटी में आटो से धक्का मारने का प्रयास किया गया तो राहुल राज लड़खड़ा गया। इसके बाद उसे संदीप ने गोली मार दी। जब भीड़ जुटने लगी तो वे भाग निकले। इसके बाद आटो को छिपाने के लिए मयंक के ससुराल पहुंचा दिया गया।

गुरुवार को पांचों आरोपित चौकाघाट से छत्तीसगढ़ भागने के फिराक में थे, लेकिन पुलिस ने तीन को पकड़ लिया। इस दौरान दो आरोपित भाग निकले। पुलिस टीम में कैंट थाना प्रभारी राकेश सिंह, नदेसर चौकी प्रभारी टुन्नू सिंह, क्राइम ब्रांच के बृजेश सिंह, रामानंद यादव आदि शामिल थे।

नौ के खिलाफ दर्ज थी नामजद रिपोर्ट

वारदात के बाबत राहुल राज के पिता राजकुमार ने कैंट थाने में पूर्व पार्षद, पार्षद पति समेत नौ के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। एसीपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि इस मामले में नामजद आरोपितों की संलिप्तता सामने नहीं आई है। फिलहाल जांच की जा रही है। गिरफ्तार आरापितों में से एक भी इस मामले में नामजद नहीं थे।

 

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