वाराणसी में भाजपा महानगर और जिला अध्यक्ष के लिए 64 दावेदार मैदान में, चुनाव की प्रक्रिया शुरू

वाराणसी, जेएनएन। भारतीय जनता पार्टी में बूथ व मंडल अध्यक्षों के चुनाव के बाद बुधवार को महानगर और जिला अध्यक्ष पद के लिए चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई। हालत यह रही कि सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में अध्यक्ष बनने की जैसे होड़ लग गई। महानगर अध्यक्ष के लिए 25 और जिला अध्यक्ष के लिए 39 कार्यकर्ताओं ने नामांकन किया। इस प्रकार दोनों अध्यक्ष पद के लिए 64 दावेदार मैदान में हैं। महानगर अध्यक्ष पद के लिए पर्चा दाखिला प्रक्रिया इंग्लिशिया लाइन स्थित भारतीय शिक्षा मंदिर में चुनाव अधिकारी बलदेवराज शर्मा एवं सहचुनाव अधिकारी देवेंद्र सिंह पटेल की देख-रेख में शुरू हुई। इस दौरान कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह था।

सुबह 11 बजे शुरू नामांकन प्रक्रिया दोपहर डेढ़ बजे तक चली। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच कर ढाई बजे तक नाम वापसी का समय तय किया गया था। हालांकि किसी ने नाम वापस नहीं लिया। महानगर प्रदेश परिषद के लिए तीन कार्यकर्ताओं ने नामांकन किया। जिला अध्यक्ष पद के लिए नामांकन प्रक्रिया मीरापुर बसहीं स्थित आशियाना वाटिका में चुनाव अधिकारी देवेंद्र सिंह की देख-रेख में हुई। हालत यह रही कि 46 नेताओं ने नामांकन किया। जांच के बाद सात पर्चे अवैध घोषित कर दिए गए। किसी ने नाम वापस नहीं लिया। इस प्रकार मैदान में 39 ही उम्मीदवार बचे। यहां पर प्रांतीय परिषद पद के लिए 17 कार्यकर्ताओं ने नामांकन किया।

54 मतदाता 64 प्रत्याशी भाजपा जिला व महानगर अध्यक्ष पद के लिए नामांकन किया गया। प्रस्तावक और उम्र आदि की बाध्यता समाप्त होने का परिणाम यह रहा कि पूरे दिन नामांकन का दौर चला। हालत यह हो गई कि दोनों अध्यक्ष पदों के लिए मतदाता 54 और प्रत्याशियों की संख्या 64 हो गई। अध्यक्ष पद के लिए मंडल और मंडल जिला प्रतिनिधि मतदाता हैं। इसके लिए नामांकन स्थल पर मतदाताओं की सूची चस्पा की गई। सूची के अनुसार महानगर में नौ मंडल अध्यक्ष और नौ जिला प्रतिनिधि हैं। इसी प्रकार जिला कमेटी में 19 मंडल अध्यक्ष और 17 मंडल जिला प्रतिनिधि हैं। ऐसे मे महानगर अध्यक्ष के 25 उम्मीदवार के लिए 18 मतदाता और जिला अध्यक्ष पद के 39 उम्मीदवारों के लिए 36 मतदाता हैं।

नहीं रही उम्र की बाध्यता पार्टी ने अध्यक्ष पद के लिए 40 से 50 वर्ष की उम्र सीमा तय की थी लेकिन नियमों में ऐसी ढील दी गई कि जिसको देखो वही मैदान में उतर कर ताल ठोकने लगा। हालत यह रही कि 35 वर्ष के युवा के साथ ही 60 वर्ष के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने नामांकन किया। महानगर में तो अंतिम दौर में पहुंचे एक वरिष्ठ नेता नामांकन कर चलते बने। इसे लेकर तरह-तरह की चर्चा होने लगी। चर्चा रही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नजदीकी होने की वजह से ऐसा तो नहीं उन्हें ताज पहनाने के लिए कोई आदेश-निर्देश मिला है। वैसे मौजूदा अध्यक्षों को पहले ही नामांकन करने से मना कर दिया गया था। कहा गया था कि प्रदेश नेतृत्व आवश्यक समझेगा तो उनके नाम पर विचार करेगा। प्रदेश नेतृत्व को सौंपी जाएंगी रिपोर्ट जिला और महानगर के लिए नामांकन करने वालों का नामांकन पत्र अब प्रदेश नेतृत्व को सौंपा जाएगा। उसके बाद ही अगड़ा-पिछड़ा, व्यापारी आदि समीकरणों को ध्यान में रखते हुए अध्यक्ष पद के लिए चयन किया जाएगा।

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