पराली जलाने पर आजमगढ़ के 20 किसान प्रधानमंत्री किसान निधि योजना से वंचित, एनजीटी के निर्देशों का उल्लंघन

एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) के निर्देशों का उल्लंघन कर पराली (फसल अपशिष्ट) जलाने पर दोषी पाए गए जिले के 20 किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत दी जा रही धनराशि और कृषि विभाग से सचालित समस्त योजनाओं के लाभ से वंचित कर दिया गया है।

Saurabh ChakravartyWed, 24 Nov 2021 09:37 PM (IST)
पराली जलाने पर आजमगढ़ के 20 किसान प्रधानमंत्री किसान निधि योजना से वंचित

जागरण संवाददाता, आजमगढ़: एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) के निर्देशों का उल्लंघन कर पराली (फसल अपशिष्ट) जलाने पर दोषी पाए गए जिले के 20 किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत दी जा रही धनराशि और कृषि विभाग से सचालित समस्त योजनाओं के लाभ से वंचित कर दिया गया है। संस्तुति सहित पत्र अपर कृषि निदेशक (भूमि संरक्षण) राज्य नोडल अधिकारी पीएम किसान उत्तर प्रदेश कृषि भवन लखनऊ को भेज दिया गया है। साथ ही संबंधित उप जिलाधिकारी अर्थदंड के वसूली की कार्रवाई संबंधित किसानों से करनी तेज कर दी है।

फसल अपशिष्ट जलाने के जो किसान दोषी पाए गए हैं। उनमें संजय सिंह पुत्र वशिष्ठ नरायन सिंह ग्राम लसड़ा खुर्द, बसंता सिंह पुत्र त्रिवेणी सिंह ग्राम लसड़ा खुर्द, मेवालाल एवं बृजेश कुमार पुत्र जयश्री ग्राम नर्वे, मन्नू, धन्नू, सन्नू एवं जयराम पुत्र विदेशी ग्राम नर्वे, हाजी मटरू पुत्र अबुल हसन ग्राम विसहम मिर्जापुर, राजेंद्र पुत्र रामदास ग्राम अस्पतपुर, नूरजहां पत्नी मुहम्मद सुल्तान ग्राम भादो, संजय पासवान पुत्र रामकिशुन ग्राम खोजापुर, ओमप्रकाश पुत्र रामपलट ग्राम धरनीपुर रानीपुर, रामबहादुर तिवारी पुत्र रामदवर तिवारी ग्राम गजहीपुर, गृजेश कुमार पुत्र भगवानदत्त ग्राम शेखपुर मलपुरा, अशोक सिंह पुत्र फौजदार सिंह ग्राम धरवारा आदि शामिल हैं। इनके खिलाफ एनजीटी अधिनियम की धारा-24 के अंतर्गत क्षतिपूर्ति की वसूली के संबंध में कार्रवाई की जाएगी।

पराली जलाने पर अर्थदंड का निर्धारण

-कृषि भूमि का क्षेत्रफल दो एकड़ से कम होने की दशा में 2500 रुपये प्रति घटना।

-कृषि भूमि का क्षेत्रफल दो एकड़ से अधिक लेकिन पांच एकड़ तक होने की दशा में 5000 रुपये प्रति घटना।

-कृषि भूमि का क्षेत्रफल पांच एकड़ से अधिक होने की दशा में 15000 रुपये प्रति घटना।

अपशिष्ट जलाए जाने की घटना प्रकाश में आने पर दोषी को सम्मान निधि योजना से वंचित कर दिया

जिले के सभी किसान एवं ग्राम प्रधान व जनप्रतिनिधि फसल अवशेष कदापि न जलाएं, बल्कि इसका उचित प्रबंधन कर खेत की मिट्टी में मिलाते हुए उर्वरता को बढ़ाएं और पर्यावरण को स्वस्थ रखने में सहयोग प्रदान करें। फसल अपशिष्ट जलाए जाने की घटना प्रकाश में आने पर दोषी को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से वंचित करते हुए मुख्य सचिव निहित निर्देशों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

-संगम सिंह, उप कृषि निदेशक, आजमगढ़।

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