उत्‍तर प्रदेश में 1250 आयुष और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनकर तैयार, दिसंबर में लोकार्पण

राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ नई दिल्ली आयुष मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार आयोजित इस सीएमई में आए अतिथियों का स्वागत कार्यक्रम की अध्यक्ष प्राचार्य प्रोफेसर नीलम गुप्ता ने पुष्पगुच्छ देकर किया। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए 30 चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

Abhishek SharmaMon, 22 Nov 2021 06:11 PM (IST)
कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए 30 चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

वाराणसी, जागरण संवाददाता। पूरे प्रदेश में 1250 आयुष और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोलने की योजना पूर्णता की ओर हैं। सबके भवन समेत, सभी आवश्यक सुविधाएं पूर्णता की ओर हैं। संभव है कि दिसंबर में उनका लोकार्पण भी कर दिया जाएगा। यह जानकारी निदेशक, आयुर्वेद सेवाएं, उत्तर प्रदेश प्रो. सत्यनारायण सिंह ने दी। वह सोमवार को राजकीय स्नातकोत्तर आयुर्वेद महाविद्यालय में पंचकर्म विभाग द्वारा आयोजित छह दिवसीय सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।

राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ, नई दिल्ली, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार आयोजित इस सीएमई में आए अतिथियों का स्वागत कार्यक्रम की अध्यक्ष प्राचार्य प्रोफेसर नीलम गुप्ता ने पुष्पगुच्छ देकर किया। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए 30 चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

मुख्य अतिथि प्रोफेसर एसएन सिंह ने सीएमई की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम से सतत शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे अनुसंधान का पता चलता है और इससे समाज का प्रत्येक वर्ग लाभान्वित होता है। प्राचार्य प्रो. नीलम गुप्ता ने महाविद्यालय द्वारा चलाई जा रही जनोपयोगी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया और स्वास्थ्य के संरक्षण हेतु पंचकर्म चिकित्सा के महत्व पर प्रकाश डाला। इस सत्र में डा. केके द्विवेदी, डा. भावना द्विवेदी, क्षेत्रीय आयुर्वेद अधिकारी, वाराणसी तथा डा. आनंद विद्यार्थी, क्षेत्रीय आयुर्वेद अधिकारी, गाजीपुर ने अपने अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम के प्रथम एवं द्वितीय सत्र में प्रयागराज के प्रो. जीएस तोमर, भूतपूर्व डीन आयुर्वेद संकाय, कानपुर विश्वविद्यालय ने स्वस्थ रहने के लिए आयुर्वेद और पंचकर्म की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। आयुर्वेद के पंचकर्म चिकित्सा के पूर्व किए जाने वाले स्नेहन आदि चिकित्सा को विस्तार से बताया।

तीसरे सत्र में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पंचकर्म विभाग के डा. विजय श्रीवास्तव ने स्नेहपान पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। इससे होने वाले लाभ और प्रक्रिया पर प्रकाश डाला। चतुर्थ सत्र में पंचकर्म विभागाध्यक्ष एवं इस कार्यक्रम के आयोजन सचिव डा. पीएल संखुआ ने रक्त मोक्षण की नई विधा का प्रशिक्षण अंतरराष्ट्रीय पंचकर्म चिकित्सक प्रो. यूएस निगम के सहयोग से सभी प्रतिभागियों को प्रदान किया।

उदघाटन सत्र का संचालन डा. रचना निगम ने तथा धन्यवाद ज्ञापन संयुक्त आयोजन सचिव डा. अजय कुमार ने किया। प्रथम और द्वितीय सत्र का संचालन डा. अंकित गुप्ता तथा तृतीय और चतुर्थ सत्र का संचालन डा. टीना सिंघल ने किया। प्रो. संजय कुमार पांडेय, डा. प्रकाश राज सिंह, डा. आशुतोष यादव, डा. मनोहर राम, डा. जितेंद्र कुमार, डा. अनुभा श्रीवास्तव, डा. रामनिहोर तपसी, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डा. विनय मिश्र सहित महाविद्यालय के समस्त शिक्षक, चिकित्सक एवं सभी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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