रोडवेज के साथ प्राइवेट बसों की हकीकत बयां करेगा क्यूआर कोड

रोडवेज के साथ प्राइवेट बसों की हकीकत बयां करेगा 'क्यूआर कोड'
Publish Date:Fri, 30 Oct 2020 04:45 PM (IST) Author: Jagran

जागरण संवाददाता, उन्नाव: परिवहन विभाग ने कॉमर्शियल, रोडवेज और अनुबंधित बस की फिटनेस से लेकर प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र की अनिवार्यता की है। इसे वाहनों में चालक सीट के बगल वाले शीशे पर लगाया जाना होगा। क्यूआर कोड वाले इस प्रमाणपत्र को स्कैन करके आसानी से परमिट से लेकर फिटनेस की जानकारी की जा सकेगी। यदि बिना प्रमाणपत्र के वाहन चेकिग में मिला तो उसे सीज करने की कार्रवाई होगी। अभी ड्राइविग लाइसेंस, प्रदूषण आदि दस्तावेजों को मैनुअल तरीके से जांचा जाता है। दस्तावेज असली है या नकली। इसकी प्रामाणिकता नहीं हो पाती है। यह कोढ़ अब खत्म होगा।

रोडवेज बस से लेकर कॉमर्शियल प्राइवेट वाहन के चालक अभी तक फिटनेस प्रमाण पत्र साथ लेकर चलते थे। प्रमाणपत्र वैध है या अवैध इसकी पड़ताल नहीं हो पाती है। इसके अलावा इस बात की भी जानकारी नहीं हो पाती है कि बस कितने सीटर है। पेपर को मैनुअल तरीके से जांचते हुए कोरम पूरा कर लिया जाता है। सरकारी बस होने की सूरत में अक्सर जांच सख्ती से नहीं हो पाती। परिवहन या अनुबंधित बस का पता लगने पर चालक को जाने दिया जाता है। ऐसे में बिना फिटनेस प्रमाण पत्र के सवारियों को लेकर दौड़ते वाहनों को छूट मिल जाती है। यहां पर सड़क मार्ग दुर्घटना के समय नियम-कानून याद आते हैं।

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फिटनेस प्रमाण पत्र लगने का दिया निर्देश

- परिवहन विभाग मुख्यालय से आदेश मिलने के बाद रोडवेज की पुरानी और नई बसों के फ्रंट शीशे पर प्रमाणपत्र चस्पा होना शुरू कराया गया है। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक आरके उपाध्याय ने बताया की फिटनेस के साथ प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र बस में लगाया जा रहा।

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