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संतान की दीर्घायु के लिए महिलाओं ने रखा व्रत

सुलतानपुर : संतान की सुरक्षा, समृद्धि व उनके दीर्घायु होने की कामना को लेकर रविवार को महिलाओं ने शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों में बड़े ही पारंपरिक एवं हर्षोल्लास के साथ हलषष्ठी पर्व मनाया। लोगों ने व्रत रखा और विधि-विधान से हलछठ की पूजा अर्चना की। लॉकडाउन के चलते इस बार महिलाओं ने घर पर ही पूजा-अर्चन किया।

नगर के शाहगंज, चौक, डाकखाना चौराहा, सीताकुंड घाट आदि जगहों पर महिलाओं ने पलाश, कांस एवं कुश के नीचे भगवान शिव पार्वती, स्वामी कार्तिकेय एवं गणेश जी की मूर्ति स्थापित करके धूप, दीप, पुष्प आदि से पूजन किया। माताएं व्रत पूजन के साथ ही अपनी संतान की दीर्घायु की कामना करती हैं। इस दौरान कठोर उपवास नियम के पालन के साथ ही माताएं अपनी संतान की मंगल कामना के लिए पूजन करती हैं। यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण के ज्येष्ठ भ्राता बलरामजी के जन्मोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। उनका मुख्य अस्त्र हल था। इसलिए इस दिन बैल व हल की पूजा की जाती है तथा हल से जुताई किए गए खेत में उपजे अनाज व सब्जियों का उपयोग नहीं किया जाता है।

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