पूरा होगा निर्धनों के आशियाने का सपना

पूरा होगा निर्धनों के आशियाने का सपना

तट क्षेत्र का दायरा घटने से प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ का रोड़ा दूर हुआ। इसी क्रम में 36 आवेदकों में आठ लाभार्थी ही जद में आए।

Publish Date:Sun, 17 Jan 2021 12:09 AM (IST) Author: Jagran

सुलतानपुर : कहीं नीव भरकर तो कहीं छत के बिना निर्धनों के आवास छह माह से अधूरे थे। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के एक साल पहले आए आदेश में यह कहा गया कि नदी के बाढ़ क्षेत्र को दो सौ मीटर तक पूरी तरह खाली करा दिया जाए। ऐसे में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के लाभार्थी दोहरे संकट में आ गए।

आवास तो अधूरा रह ही गया, साथ ही उन्हें उनकी जमीनों से विस्थापित किए जाने की तैयारी भी की जाने लगी। एक माह पूर्व एनजीटी की ओर से इस दायरे को घटा कर 50 मीटर किए जाने से संकट में आए साधन विहीन लोगों को अब संजीवनी मिल गई। आशियाना पाने की उम्मीद पर छाए संशय के बादल छंट गए हैं। नए आदेश के तहत लोक निर्माण विभाग की टीम ने जांच पूरी कर ली है। अधिकतर आवेदक अब इस दायरे से बाहर हैं। आवेदकों को आवास के लिए दूसरी किस्त जारी की जा रही रही है।

परियोजना अधिकारी डूडा सुनीता सिंह ने बताया कि नए आदेश के तहत लोक निर्माण विभाग की टीम ने जांच पूरी कर ली है। ज्यादातर आवेदक अब इस दायरे से बाहर हैं। विभाग इनके आवास निर्माण के लिए शीघ्र ही अवशेष किस्तें जारी कर देगा।

निर्धनों में जागी उम्मीद :

तट क्षेत्र का दायरा कम किए जाने से आवेदकों को राहत मिली है। प्रधानमंत्री शहरी आवास के तहत पहले प्रभावित 36 आवेदकों में से अब सिर्फ आठ इस दायरे में में आ रहे हैं। नदी तट के किनारे आबाद नगर पालिका के कई वार्ड में जांच पड़ताल के बाद जिला नगरीय विकास अभिकरण(डूडा) की ओर से इन आवेदकों को आवास की किस्तें दी जा रही है। अब निर्धनों को आवास पूरा होने की उम्मीद है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.