सिर्फ छह घंटे ही डोल सका पहिया, ठप हुई चीनी मिल

29 नवंबर को चीनी मिल का विधिवत हवन-पूजन के उपरांत शुभारंभ हुआ। मिल प्रबंधतंत्र ने कहा कि इस बार मिल जल्दी शुरू की जा रही है जिससे सभी किसानों का गन्ना समय से तौला जा सके।

JagranPublish:Sun, 05 Dec 2021 11:33 PM (IST) Updated:Sun, 05 Dec 2021 11:33 PM (IST)
सिर्फ छह घंटे ही डोल सका पहिया, ठप हुई चीनी मिल
सिर्फ छह घंटे ही डोल सका पहिया, ठप हुई चीनी मिल

सुलतानपुर : किसान सहकारी चीनी मिल के मरम्मत के नाम पर एक करोड़ खर्च हो गए, लेकिन शुरू होने के चंद घंटे में वह तकनीकी खामियों के चलते बंद हो गई। इससे गन्ना किसानों के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई है। लखनऊ से आए इंजीनियर खराब उपकरण को बदलकर ठीक करने में जुटे हुए हैं। वहीं परिसर में गन्ना लदी ट्रालियों की लंबी कतारें लग गई हैं।

29 नवंबर को चीनी मिल का विधिवत हवन-पूजन के उपरांत शुभारंभ हुआ। मिल प्रबंधतंत्र ने कहा कि इस बार मिल जल्दी शुरू की जा रही है, जिससे सभी किसानों का गन्ना समय से तौला जा सके। इसके बावजूद तकनीकी खामी के चलते चार दिसंबर को 124 घंटे बाद शनिवार की शाम मिल चली, लेकिन छह घंटे चलने के बाद ठप हो गई। इससे गन्ना पेराई कार्य बाधित हो गया और यार्ड में दो सौ ट्रालियों का लंबा जाम लग गया।

मिल प्रबंधक प्रताप नारायण ने बताया फाल्ट को दूर कर लिया गया है। जल्द ही मिल चालू हो जाएगी।

किसानों की सुरक्षा के इंतजाम नहीं : वर्ष 2021-22 में गन्ना पेराई लक्ष्य आठ लाख पचास हजार क्विंटल रखा गया है। आए दिन मिल बंद होने व परिसर में गन्ना लेकर आए किसानों की कोई सुरक्षा व्यवस्था न होने से उनमें रोष है। इसका असर अन्य किसानों पर भी पड़ रहा है। मजबूरी में वह अपना गन्ना बिचौलियों के हाथ बेचेंगे।

किसानों ने बयां किया दर्द

किसान शिव मूरत वर्मा ने बताया की एक दिसंबर से गन्ना लदी ट्राली मिल में खड़ी है और आज पांच दिन बीत गए हैं। कब खाली होगी कोई पता नहीं है। बृजेश वर्मा ने बताया कि देर शाम मिल चली तो कुछ राहत की उम्मीद जगी थी। टोकन कटने के बाद कब तौल होगी पता नहीं। दिनेश वर्मा ने बताया कि इस मिल के भरोसे गन्ना बोने लायक नहीं है। प्रभाकर ने कहते हैं कि मिल के फिर ठप होने से परेशानी बढ़ गई है।