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जल विद्युत उत्पादन बढ़ा

जासं, ओबरा (सोनभद्र) : पिछले एक पखवाड़े से बिजली की मांग लगातार कम बनी हुई है। इसके कारण भारी संख्या में कोयला आधारित इकाइयों से कम उत्पादन कराया जा रहा है। वहीं सबसे सस्ती बिजली पैदा करने वाले जल विद्युत घरों से औसतन ज्यादा उत्पादन कराया जा रहा है। जल विद्युत निगम की पिपरी, खारा एवं ओबरा की इकाइयों से लगातार उत्पादन कराया जा रहा है।

खासकर रिहंद डैम के जलस्तर में अपेक्षित वृद्धि नहीं होने के बावजूद पिपरी और ओबरा की इकाइयों को दिन में भी चलाया जा रहा है। जल विद्युत की इकाइयों से 290 मेगावाट से ज्यादा उत्पादन हो रहा है। शनिवार को रिहंद का जलस्तर 863.1 फीट था। वहीं शनिवार दिन में भी पिपरी की एक इकाई से 43 मेगावाट तथा ओबरा की एक इकाई से 16 मेगावाट उत्पादन हो रहा था। वहीं रात में लगभग आधा दर्जन इकाइयों से 200 मेगावाट के करीब उत्पादन कराया जा रहा है। एक सप्ताह से बढ़ा उत्पादन

मानसून सत्र बीतने के बावजूद जल विद्युत इकाइयों से उत्पादन बढ़ाया गया है। पिछले एक सप्ताह के आंकड़े पर नजर डाला जाए तो 12 अक्टूबर को 4.0 मिलियन यूनिट, 13 को 3.3 मियु, 14 को 3.8 मियु, 15 को 4.4 मियु, 16 को 4.3 मियु, 17 को 4.4 मियु तथा 18 को 5.4 मियु उत्पादन हुआ है।

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