बाजारों पर चढ़ा होली का रंग, हर तरफ सजीं दुकानें

जागरण संवाददाता, सोनभद्र : होली की खुमारी अब लोगों के सिर चढ़कर बोलने लगी है। प्रमुख नगरों से लेकर गांवों के चट्टी-चौराहों पर जहां हर तरफ फगुआ गीत बजने लगे हैं, वहीं बाजारों में भी होली के सामानों से दुकानें सज गई हैं। फागुनी बयार में जिले के बाजार अब पूरी तरह से रंग गए हैं। खान-पान के सामानों की दुकानों पर चिप्स-पापड़ के साथ ही तरह-तरह की नमकीन आदि की बिक्री हो रही है। आलू, चावल व साबुदाना के चिप्स व पापड़ की मांग बढ़ने लगी है। इसके साथ ही मिठाई की दुकानों पर भांग मिश्रित बरफी व गुझिया के बनने के साथ ही बिक्री भी शुरू हो गई है। होली के पर्व में एक दिन शेष बचे हैं, ऐसे में बाजारों में चहल-पहल तेज हो गई है। घरों में भी पर्व मनाने के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। होली को लेकर बच्चों में ज्यादा उत्साह देखा जा रहा है।

राब‌र्ट्सगंज नगर के मेन चौक व चरतल्ला समेत रेणुकूट, अनपरा, शक्तिनगर के साथ ही अन्य बाजारों में होली से जुड़े सामानों की दुकानें विक्रेताओं ने सजा दी है। रंग, अबीर व गुलाल के साथ ही तरह-तरह की पिचकारियां बच्चों को खासा लुभा रही हैं। बाजार में इस बार परंपरागत रंगों अबीर-गुलाल के अलावा, हर्बल रंगों की कई वेरायटी मौजूद है। बच्चे स्प्रे कलर और पिचकारियों को देखकर खरीदारी को मचल रहे हैं। बंदूक, पालतू जानवरों, स्पाइडरमैन के डिजाइनों में आई पिचकारियां भी खूब पसंद की जा रही हैं। होली के लिए खास तरह की टोपी, कार्टून चेहरे भी बाजार में बिक्री के लिए आए हुए हैं। दुकानों पर खरीदारों की भीड़ भी पहुंचनी शुरू हो गई है। रेणुकूट के दुकानदार सुभाष सेठ ने बताया कि त्योहार करीब आने के साथ ही बिक्री में तेजी आने की उम्मीद है। जिला मुख्यालय पर समेत अन्य जगहों पर भी होली से जुड़े सामानों की बिक्री तेज हो गई है।

घरों में बनने लगे पकवान

होली को लेकर घरों में भी तैयारियां जोरों पर हैं। मेहमानों के स्वागत के लिए महिलाएं चिप्स, पापड़, नमकीनस गुझिया व मिठाई बनाने में जुटी हैं। घरों की सफाई व सजावट का काम भी किया जा रहा है। बाजार में भी चिप्स, पापड़ कई तरह की डिजाइनों व अलग-अलग रेंज में उपलब्ध हैं। किराना दुकानों पर भी होली के मद्देनजर ग्राहकों की भीड़ बढ़ गई है। चीनी, सूखे मेवे, मैदा, घी तेल व अन्य जरूरत की चीजें समय से पहले इकट्ठा करने के लिए लोग बाजार में पहुंच रहे हैं। खोवा की बिक्री भी तेज हो गई है।

1952 से 2019 तक इन राज्यों के विधानसभा चुनाव की हर जानकारी के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.