गर्मी से राहत, लेकिन ड्रेनेज सिस्टम की फूल गई सांस

तेज बारिश से खुली जलनिकासी की पोल जलभराव से लोग रहे परेशान

JagranMon, 19 Jul 2021 11:59 PM (IST)
गर्मी से राहत, लेकिन ड्रेनेज सिस्टम की फूल गई 'सांस'

सीतापुर: पिछले तीन दिन से हो रही बारिश ने नगर पालिका परिषद की साफ-सफाई व जल निकासी के इंतजामों की पोल खोलकर रख दी। शहर का कोई भी वार्ड, मार्ग ऐसा नहीं था, जिसमें पानी न भरा हो। चाहे मुख्य मार्ग हो या फिर गलियां सभी पानी से लबालब नजर आए। काफी दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से परेशान आमजन को शुक्रवार से जब बारिश होना शुरू हुई तो राहत मिली थी। मौसम अच्छा हो गया तो लोगों के चेहरे पर मुस्कान आइ। बारिश का यह क्रम सोमवार को जारी रहा। सोमवार को सुबह से आसमान में काली घटाएं छाई हुई थीं। अच्छी बारिश भी हुई। लगातार बरसात ने लोगों को जहां गर्मी से निजात दिलाई वहीं बदइंतजामी का दंश भी शहरवासियों को झेलना पड़ा। गलियों में भरे पानी के कारण लोग घरों में कैद होकर रह गए। वहीं जो निकले उनको जल भराव के कारण परेशान होना पड़ा। वैसे बारिश की वजह से जिले का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस व नमी 80 प्रतिशत दर्ज की गई।

घुटनों तक भरा पानी

शहर के मुहल्ला खूबपुर, श्रीनगर कालोनी, यादव कालोनी, विकास नगर, भार्गव कालोनी में जबरदस्त जलभराव है। आलम यह है कि यहां लोगों को अपने घरों तक जाने के लिए घुटनों तक पानी से गुजरना पड़ा, वहीं पूर्णागिरि मुहल्ले में जलभराव की स्थिति यह थी कि घरों के अंदर नालियों का गंदा पानी घुस चुका था। गंदगी और बदबूदार पानी से लोग बेहद परेशान हो गए। इसके अलावा नगर के मुहल्ला शास्त्री नगर, लोनियनपुरवा, तरीनपुर, नारायण नगर, पांडेय नगर, मुंशीगंज, मिरदही टोला, संत नगर सहसापुर, जनकपुरी, विजयलक्ष्मी नगर, आवास विकास, नैमिषपुरम में जलभराव हो गया। लोगों को गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा था। गलियों में पानी भरने से कुछ लोग गिरकर चोटिल भी हुए।

मुख्य मार्ग पर भी जलभराव

मुख्य मार्गों पर भी जलभराव हो गया। स्टेशन रोड के सामने, पुलिस लाइन रेलवे क्रासिग के पास, बट्सगंज हनुमान मंदिर के सामने, कैंचीपुल, लोनियनपुरवा सब्जीमंडी के पास, गल्लामंडी के निकट मार्ग पर पानी भरा था। इससे दो पहिया, चार पहिया वाहन चालकों सहित पैदल निकलने वालों को दिक्कत हुई।

नालों की सफाई न होने से आई आफत

पालिका क्षेत्र में छोटे बड़े 45 नाले हैं। बरसात के पूर्व इनकी सफाई हो जानी थी। अधिकांश नालों की सफाई नहीं हुई जो कुछ नालों की हुई तो पालिका कर्मियों ने कूड़े को जेसीबी से निकाल कर बाहर ही डाल दिया। पानी गिरने के बाद यह कूड़ा फिर नालों में गिर गया और जलभराव हो गया। मुहल्ला रामनगर में नाले के कूड़े से पटे होने के कारण पानी भरा, जबकि सिविल लाइन में भी यही स्थिति रही। अगर ठीक ढंग से सफाई हो गई होती तो यह नौबत न आती।

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